हिसार। कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी पर सेक्टर 16-17 स्थित श्री श्याम मंदिर में बाबा श्याम का प्रगटोत्सव मनाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने श्याम बाबा के दरबार में माथा टेका और मन्नत मांगी। श्रद्धालु श्याम के भजनों पर झूम उठे। इस दौरान कोलकाता और पटियाला से पहुंचे कलाकारों ने दीनानाथ मेरी बात छानी कोनी तेरे सै, हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा, लेने आजा खाटू वाले रिंगस के उस मोड़ पर... आदि भजन गाए। सुबह से ही बाबा के दर्शनों के लिए श्रद्धालु आने शुरू हो गए थे। रात तक श्रद्धालु श्याम बाबा के दरबार में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने श्याम बाबा के जयकारे लगाए। श्याम बाबा को 56 भोग का प्रसाद, रसगुल्ला, खीर-चूरमे की सवामणी, फलों की 21 सवामणी का प्रसाद लगाया गया। उसके बाद भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया।
इस महोत्सव के लिए बाबा को विशेष तरह के फूलों से अलौकिक शृंगार किया गया। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया। श्याम प्रभु को पानीपत से आई पोशाक पहनाई गई। श्री श्याम मंडल कमेटी के सदस्यों ने बताया देवउठनी एकादशी का श्याम भक्तों के लिए विशेष महत्व है। इस अवसर पर मंदिर कमेटी के प्रधान विनोद अग्रवाल, आशीष जैन, रमेश मित्तल, सुभाष बंसल, रामकुमार गोयल, त्रिलोक बंसल, राजकुमार जैन, दिनेश बिंदल, सतीश बंसल, गौरव जैन दिनेश गोयल, महेंद्र गर्ग, लक्ष्मी मित्तल, सुभाष सैनी, अनिल गर्ग आदि सदस्य उपस्थित रहे ।
दिल्ली से मंगवाए फूलों से श्याम बाबा का शृंगार किया
हिसार। शहर के मध्य स्थित सिद्ध श्री हनुमान मंदिर मंडल ट्रस्ट, मोती बाजार में देवउठनी एकादशी पर मंगलवार की शाम बैकुण्ठ नाथ दरबार में विराजित हरि विष्णु के सम्मुख, मंदिर के पुजारी पं. राजेश शास्त्री द्वारा विष्णु सहस्त्र स्तवन पाठ किया गया। मंदिर ट्रस्ट के प्रधान रमेश कुमार लोहिया व महासचिव अनूप गुप्ता ने बताया कि इस पाठ द्वारा भगवान विष्णु उनके हजार नामों द्वारा स्तुति की जाती है व हरि योग निद्रा से जागते हैं। इसी के साथ ही सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। इसके बाद रात्रि को श्री श्याम बाबा का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्याम बाबा का दिल्ली से मंगवाए गए फूलों से शृंगार किया गया। मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों-फूलों व गुब्बारों से सजाया गया। शहर के प्रमुख भजन गायकों ने सुंदर भजनों द्वारा उपस्थित सैकड़ों भक्तों को भाव विभोर करके नाचने को मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के समापन पर बाबा श्याम के जन्मोत्सव पर केक काटकर आरती एवं भोग के बाद प्रसाद वितरण किया गया। पूरा मंदिर प्रभु के जयकारों से गुंजायमान रहा।