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संवाद के मंच पर बोले सीएम सैनी: हांसी को कहा जाता था गेट वे ऑफ इंडिया, नया जिला क्यों बनाया यह भी बताया

Wed, 17 Dec 2025 09:07 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, हांसी (हिसार)

सार

संवाद कार्यक्रम में सीएम सैनी ने हांसी को जिला बनाने को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा वर्ष 1857 में जब स्वतंत्रता संग्राम शुरू हुआ था, तब हांसी के लोगों ने लड़ाई लड़ी। हांसी को गेट वे ऑफ इंडिया कहा जाता था। 
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अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में सीएम सैनी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुरुग्राम में बुधवार को अमर उजाला के बैनरतले आयोजित संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हांसी के इतिहास को देखते हुए उसे जिला बनाया है। हांसी को जिला बनाने का प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल की कमेटी ने अनुशंसा की थी। सबसे बड़ा जिला हिसार था, उसमें सात विधानसभा क्षेत्र आती थी। छोटे जिले का विकास तेजी के साथ होता है। इस वजह से हांसी को हिसार से अलग कर जिला बनाया गया।

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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हांसी के लोगों की लंबे समय से मांग थी। वर्ष 1857 में जब स्वतंत्रता संग्राम शुरू हुआ था, तब हांसी के लोगों ने लड़ाई लड़ी। हांसी को गेट वे ऑफ इंडिया कहा जाता था, यानि इसे हिंदुस्तान का दरवाजा कहा जाता था। हांसी की ऐतिहासिक पहचान है। अंग्रेजों ने हांसी के क्रांतिकारी वीरों पर अत्याचार किए।

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लाला हुक्म चंद को सरेआम फांसी पर लटका दिया। क्रांतिकारी नहीं माने तो अंग्रेजों ने उन्हें सड़क पर गिरड़ी (पत्थरनुमा भारी कृषि उपकरण) से कुचल दिया था, जिसे लाल सड़क कहा जाता है। हांसी एतिहासिक नगरी है। उनकी लंबे समय की मांग को सरकार ने स्वीकार किया व पूरा किया। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मंगलवार को हांसी की नई ऑटो मार्केट में आयोजित हांसी विकास रैली में हांसी को प्रदेश का 23वां जिला बनाने की घोषणा की थी। साथ ही एक सप्ताह में इसका नोटिफिकेशन जारी करने का आश्वासन दिया था।

कमेटी अनुमोदित करेगी तो बनेंगे नए जिले

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला, तहसील, उपतहसील बनाने के लिए मंत्रिमंडल की एक कमेटी बनाई हुई है। उसमें अधिकारी व मंत्री भी शामिल है। कमेटी यह देखती है कि कहां पर उपमंडल, तहसील, जिला या खंड बनना है। क्षेत्र के लोग कमेटी के पास प्रस्ताव भेजते हैं। कमेटी समय-समय पर बैठक करती है व चर्चा करती है कि जहां के प्रस्ताव आए हैं वहां के लोगों की क्या प्रतिक्रिया है। कोई आपत्ति दर्ज करता है तो वह भी कमेटी सुनती है। कमेटी इस मामले में जो अनुशंसा करती है, सरकार उस को लागू कर देती है। नए जिले, तहसील व अन्य के लिए कमेटी भविष्य में अनुशंसा करेगी तो नए जिले बनेंगे।
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