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स्वच्छता सर्वे 2021 : कचरे का उचित निपटान और सॉलिड वेस्ट प्लांट न होने से पिछड़ा हिसार

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हिसार में पार्षद महेंद्र जुनेजा सीवर लाइन में फट्टी डालकर उसे खोलने का प्रयास करते हुए - फोटो : Hisar
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हिसार। केंद्रीय आवास व शहरी मामला मंत्रालय की तरफ से शनिवार को स्वच्छता सर्वे 2021 का परिणाम जारी कर दिया गया। बेशक हिसार नगर निगम की प्रदेश भर रैंकिंग में एक स्थान का सुधार हुआ, लेकिन देशभर की रैंकिंग में नगर निगम 60 पायदान पिछड़ गया।
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इस बार नगर निगम ने प्रदेश भर में 5वां व देश में 165वां स्थान हासिल किया। स्थिति यह रही कि नगर निगम स्वच्छता सर्वे में 50 प्रतिशत अंक भी लेने में नाकाम रहा। निगम के अधिकारियों की मानें तो लिगेसी वेस्ट का निपटान न होना, प्रोसेसिंग प्लांट व सॉलिड वेस्ट प्लांट के न होने का खामियाजा निगम को सर्वे में भुगतना पड़ा। इसके अलावा सर्टिफिकेशन में भी निगम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।
अब तक स्वच्छता सर्वे में प्रदर्शन
वर्ष 2021 165वीं रैंक
वर्ष 2020 105वीं रैंक
वर्ष 2019 173वीं रैंक
वर्ष 2018 146वीं रैंक
वर्ष 2017 291वीं रैंक
6 हजार में से 2758.85 अंक मिले
अंकों की बात करें तो नगर निगम को कुल 6 हजार अंकों में से 2758.85 अंक मिले। हालांकि पिछले वर्ष निगम को 6000 में से 3311.82 अंक मिले थे। इसमें से प्रोसेसिंग प्लांट व लीगेसी वेस्ट के एक हजार व सर्टिफिकेशन के 2200 अंक थे।
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सिटीजन फीडबैक में रहा अव्वल
सर्वे में सिटीजन फीडबैक की बात करें तो नगर निगम प्रदेश भर में पहले स्थान पर रहा। इस पर एप के माध्यम से 1 लाख 70 हजार 381, पोर्टल के माध्यम से 1 लाख 14 हजार 853 व फोन के माध्यम से 163 लोगों ने फीडबैक दिया था, जबकि वर्ष 2020 में सिटीजन फीडबैक में मात्र 25 हजार 105 लोगों ने ही भाग लिया था।
टॉप 50 का रखा था लक्ष्य, 100 में नहीं बना सके स्थान
इस बार निगम प्रशासन ने स्वच्छता सर्वे में टॉप 50 में आने का लक्ष्य निर्धारित किया था।
मगर यहां स्थिति यह रही कि टॉप 100 में भी नगर निगम अपना स्थान नहीं बना सका।
इस तरह निर्धारित किए गए थे अंक
कुल अंक : 6000
सिटीजन व्यॉस : 1800
(फीडबैक, इंगेजमेंट, एक्सपीरियंस, स्वच्छता एप एंड इनोवेशन)
सर्टिफिकेशन : 1800
(स्टार रेटिंग, ओडीएफ प्लस, ओडीएफ प्लस प्लस, वाटर प्लस)
सर्विस लीगल प्रोसेस : 2400
(सेग्रीरेटिड कलेक्शन, प्रोसेसिंग एंड डिस्पोजल, ससटेनेबल सेनिटेशन)
जेई ने नहीं उठाया फोन, सफाई कर्मी ने भी कर दिया मना तो पार्षद खुद फट्टी लेकर पहुंच गए सीवर मैनहोल खोलने
जनस्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शनिवार को एक पार्षद को खुद फट्टी लेकर ओवरफ्लो हुए सीवर को खोलने के लिए उतरना पड़ा। पार्षद डॉ. महेंद्र जुनेजा के मुताबिक उनके पास दो-तीन दिनों से वाल्मीकि मोहल्ले से सीवर ओवरफ्लो की शिकायत मिल रही थी। जिस गली में यह सीवर है, वहीं एक शादी भी थी। शुक्रवार व शनिवार को उन्होंने कई बार जेई को फोन किया, लेकिन उसने फोन ही नहीं उठाया। इसके अलावा उन्होंने सफाई कर्मी को भी बोला तो पहले दिन उसने कहा कि वह लेट हो चुका है और शनिवार को सीवर को खोल देगा। मगर शनिवार को भी वह नहीं आया। आखिर में वह खुद ही फट्टी लेकर पहुंच गए।
अभी तक मैंने सर्वे का रिजल्ट अच्छी तरह से देखा नहीं है। मगर इस बार परिणाम ज्यादा अच्छा नहीं रहा। सॉलिड वेस्ट प्लांट न होना व लिगेसी वेस्ट के निपटान का काम शुरू न होने से हमारे काफी अंक कटे हैं। हालांकि अब लिगेसी वेस्ट के निपटान का काम शुरू हो चुका है। सॉलिड वेस्ट प्लांट के लिए जमीन का प्रपोजल भी हमने सरकार को भेजा हुआ है, जो अन्य कमियां इस बार रह गईं, हम उनमें सुधार करेंगे और उम्मीद है कि अगले वर्ष हमारी रैंकिंग में काफी सुधार होगा। - अशोक कुमार गर्ग, निगमायुक्त
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