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सामान्य अस्पताल : 7 दशक से नहीं हुई न्यूरो सर्जन की नियुक्ति, जिले में 106 चिकित्सकों के पद पड़े हैं रिक्त

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सुरेश सहारण
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हिसार। हर वर्ष 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इसका मकसद यह है कि दुनिया में हर व्यक्ति तक अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच हो और लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें। वहीं, प्रदेश में आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने का दम भरने वाली सरकार की जमीनी सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है।
करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी हिसार जिले के सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं की कमी है। हिसार के सामान्य अस्पताल को बने करीब 75 साल हो गए हैं, लेकिन आज तक एक भी न्यूरो सर्जन की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
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जिले के सरकारी अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी पर हमेशा चिकित्सकों की कमी रही है। फिलहाल जिले में 263 पद चिकित्सकों के स्वीकृत हैं जिसमें से 157 चिकित्सक ही नियुक्त हैं, इनमें से कुछ एसएमओ भी हैं। चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों की तरफ रुख करना पड़ता है। करीब डेढ़ साल के बाद नागरिक अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति हुई है। इसके अलावा मात्र एक महिला सर्जन है जो स्त्री रोग विशेषज्ञ है।
जिले के सात सरकारी अस्पतालों में एक्स-रे मशीन तो लगी है, लेकिन चालू सिर्फ एक है जो हिसार अस्पताल में है। शेष ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को एक्सरे के लिए निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके अलावा ग्रामीणों को 50 से 70 किलोमीटर का सफर तय कर हिसार आना पड़ता है। यहां भी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। (संवाद)
नेत्र रोग विशेषज्ञ का करते रहते हैं इंतजार
ज़् नागरिक अस्पताल में दो विशेषज्ञ नेत्र रोग चिकित्सक नियुक्त हैं। एक महिला चिकित्सक अवकाश पर गई है। दूसरे चिकित्सक गुलशन मेहता की ड्यूटी ऑपरेशन थियेटर में लगी रहती है, ऐसे में सुबह से लेकर दोपहर तक मरीज चिकित्सक के इंतजार में बैठे रहते हैं। सुबह दो घंटे तक चिकित्सक मरीजों की आंखें जांचते हैं। इसके बाद ओटी में चले जाते हैं। फिर सारा दिन मरीज ओपीडी पर टकटकी लगाए बैठे रहते हैं। इस बारे में कई बार पीएमओ को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी समस्या का कोई स्थायी हल नहीं निकला।
सात जगह एक्स-रे मशीन, चालू सिर्फ एक
ज़् जिले में नागरिक अस्पताल के आवाला छह सीएचसी पर मरीजों को एक्स-रे की सुविधा देने के लिए मशीन लगाई हुई है, लेकिन इनमें से नागरिक अस्पताल में लगी एक्स-रे मशीन ही चल ही है। यह मशीन भी कई बाद ओवरलोड होने के कारण बंद हो जाती है। ऐसे में मरीजों को घंटों लाइन में लगा रहना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नागरिक अस्पताल, सेक्टर 1-4, सीएचसी नारनौंद, उकलाना, बरवाला, सीसवाल और मंगाली में एक्स-रे मशीन लगी हुई हैं। जिला उपायुक्त डॉ. प्रिंयका सोनी ने नारनौंद सीएचसी का दौरा कर एक्स-रे मशीन को चलाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
न्यूरो सर्जन के कारण मरीज हो रहे रेफर
ज़् जिले के बड़े सरकारी अस्पताल की बात करें तो वर्ष 1957 में अस्पताल का उद्घाटन किया गया था, लेकिन आज तक न्यूरो सर्जन की नियुक्ति नहीं हुई। जबकि नागरिक अस्पताल में लड़ाई-झगड़े और दुर्घटना के केस हर रोज आते रहते हैं। कई मरीजों के सिर में चोट लगी होती है लेकिन, न्यूरो सर्जन न होने के कारण उन्हें रेफर करना पड़ता है। हैरानी की बात यह भी है कि मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में भी न्यूरो सर्जन की नियुक्ति नहीं है। ऐसे में सरकारी अस्पताल से मरीजों को रोहतक पीजीआई रेफर करना पड़ रहा है या फिर मरीज अपनी मर्जी से मरीजों को निजी अस्पतालों में लेकर जाते हैं। पहले भी कई बार न्यूरो सर्जन की मांग उठ चुकी है, लेकिन अभी तक सरकार का इस और कोई ध्यान नहीं गया है। सरकार के ढीले रवैये से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कुछ दिनों से नागरिक अस्पताल में जरूरी दवा भी स्टॉक में नहीं हैं।
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जिले में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए मुख्यालय को पत्र भेज चुके हैं। जहां जहां एक्स-रे मशीन खराब है वहां पर इंजीनियर जाकर उन्हें चेक कर रहे हैं। रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। - डॉ. रत्ना भारती, सीएमओ, नागरिक अस्पताल, हिसार
नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की स्थिति
पद स्वीकृति तैनात खाली
एमओ 55 36 19
एसएमओ 05 05 00
दंत रोग विशेषज्ञ 03 03 00
सीनियर दंत रोग विशेषज्ञ 01 01 00
फिजियोथैरेपी विशेषज्ञ 02 01 01
डिप्टी मेडिकल अधीक्षक 02 01 01
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