हांसी। शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार और धूल-मिट्टी से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद अब अपनी खुद की रोड स्वीपिंग मशीन खरीदने जा रही है। इसके लिए नगर परिषद ने जेम पोर्टल पर टेंडर जारी किया है। अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से अधिक वाली इस आधुनिक मशीन से शहर की सफाई में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
मुख्य सड़कों पर अक्सर डिवाइडर के साथ मिट्टी जमा हो जाती है, जिसे सफाई कर्मचारियों के लिए हाथों से साफ करना कठिन और जोखिम भरा होता है। अब इस रोड स्वीपिंग मशीन से डिवाइडर के किनारे की बारीकी से सफाई की जा सकेगी। मशीन सड़क पर जमी धूल को सोख लेगी, जिससे शहर में प्रदूषण कम होगा और वाहन चालकों को बेहतर दृश्यता मिलेगी।
नगर परिषद के पास दो वर्ष पहले भी रोड स्वीपिंग मशीन थी लेकिन उसका सही तरीके से उपयोग नहीं किया गया। इसके बाद उस मशीन को वापस भेज दिया गया। अब तक नगर परिषद को ऐसी मशीनों के लिए बाहरी ठेकेदारों या अन्य निकायों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब अपनी मशीन होने से सफाई कार्य नियमित और किफायती हो सकेगा। यह मशीन हाई-प्रेशर वैक्यूम और ब्रुश तकनीक से लैस होगी। इससे शहर के प्रमुख मार्गों जैसे गीता चौक से नई सब्जी मंडी तक, बरवाला रोड पर सिसाय पुल तक, और काली देवी चौक से विश्वकर्मा चौक तक सफाई होगी। मैन्युअल सफाई में लगने वाले समय और श्रम की बचत होगी।
कचरे को आग के हवाले कर रहे लोग :
शहर में सफाई व्यवस्था का ठेका 15 दिन पहले खत्म हो चुका था, जिसके बाद मुख्य मार्ग और 10 वार्डों में कचरा उठान बंद हो गया था। हालांकि, सिरसा की एक फर्म को कचरा उठान का टेंडर दिया गया है, लेकिन अभी तक सफाई व्यवस्था में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है और शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे आमजन परेशान हैं। कचरा न उठने पर कुछ स्थानों पर कचरे में आग भी लगाई जा रही है।
कचरा उठान पर खर्च होंगे 15.40 करोड़ :
नगर परिषद ने कचरा उठान के लिए 15.40 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए हैं। कुरुक्षेत्र की फर्म इसी महीने में काम शुरू करेगी, जिसमें 40 टिपर लगाए जाएंगे और क्यूआर कोड की व्यवस्था भी की जाएगी। क्यूआर कोड के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि घरों से कचरा प्रतिदिन उठाया जा रहा है या नहीं। यह प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और अधिकारियों को इससे कचरा उठान पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
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रोड स्वीपिंग मशीन खरीदने के लिए टेंडर लगा दिया है। इससे मुख्य मार्गों की सफाई करने में आसानी होगी। शहर की सफाई व्यवस्था पर जल्दी ही काबू पा लिया जाएगा।- संजय कुमार, सफाई निरीक्षक