हिसार। नकली करंसी मामले में सीआईए ने शनिवार को शिमला में दबिश देकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान नवनीत गांव मुंडखर निवासी सुंदरनगर जिला मंडी के तौर पर हुई है। आरोपी को संजौली स्थित नागदेवा निवास से गिरफ्तार किया गया। आरोपी यहां कुछ दिन से रह रहा था। सीआईए टीम ने आरोपी समालखा निवासी अभय की निशानदेही पर नवनीत को पकड़ा है। आरोपी अभय और उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिला के रहने वाले रविकांत रिमांड पर चल रहे हैं।
डीएसपी सिटी मंगतराम ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने नकली नोट बनाने के मामले में संजौली से एक आरोपी को गिरफ्तार कर साथ ले गई है। फिलहाल, शिमला पुलिस ने भी अपने स्तर मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि हरियाणा पुलिस ने आरोपी के पास से नकली नोट छापने की मशीन और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। इन्हें भी जब्त किया गया है। मामले में कुछ स्थानीय युवकों के भी शामिल होने का अंदेशा है। हरियाणा पुलिस के मुताबिक नकली करंसी छापने वाले इस युवक के तार नकली करंसी छापने वाले गिरोह से है। दिल्ली और हरियाणा में इनके साथी भी पकड़े जा चुके हैं।
गौरतलब है कि सीआईए टीम ने 3 जुलाई को शहर के राजगुरु मार्केट में उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिला के रहने वाले रविकांत को 2 लाख 56 हजार की नकली करंसी के साथ पकड़ा था। पूछताछ के दौरान रविकांत ने बताया था कि वह लखनऊ के समीर से नकली करंसी लेकर आया था। आरोपी रविकांत की निशानदेही पर समालखा से अभय को गिरफ्तार किया था। आरोपी अभय, रविकांत और एक अन्य में मिलकर कर समालखा बाजार में एक कमरा किराये पर लिया और तीनों ने मिलकर लैपटॉप, कलर इकंजेट प्रिंटर, लेजर प्रिंटर व लॅमिनेटर के साथ नकली करंसी छापने का काम शुरू किया। आरोपियों ने चौथे साथी के साथ स्कैनर पर असली नोट को स्कैन करके लैपटॉप में फोटो शॉप के माध्यम से पीडीएफ तैयार कर ए फॉर साइज के चार नोट बना लेजर प्रिंटर के माध्यम से करंसी प्रिंट करने लगे। सीआईए टीम ने आरोपी अभय को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है।