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अमीरों की रोशनी में पढ़ रहे गरीबों के बच्चे: भारतीय सेना में भर्ती होने से लेकर डॉक्टर बनने का देख रहे सपना

Tue, 26 Sep 2023 11:28 AM IST
नवीन दलाल दीपिका लोहचब, हिसार (हरियाणा)

सार

हिसार के सेक्टर 1-4 में रहने वाले और एसडीओ पद पर कार्यरत शलाउद्दीन कागदान ने बताया कि रात के समय छोटे बच्चे घर के बाहर फर्श पर बैठकर पढ़ाई करते है। यह देखकर उनकी हर संभव सहायता की जा रही है। बच्चों ने किताबें और स्टेनशरी के लिए बोला था।
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गेट की लाइट में बैठ पढ़ाई करते गरीब बच्चे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हौसले बुलंद हो तो कोई राह कठिन नही होती। जो लक्ष्य मन मे है वो जरूर हासिल होता है। बस हिम्मत रखनी चाहिए और अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ते रहना चाहिए। ये पंक्तियां सेक्टर 1-4 की झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले बच्चों पर सटीक बढ़ती है। अपने माता- पिता को मजदूरी करता देख इनकी मासूम आखों मे पढ़ लिख कर बड़ा अफसर बनने का सपना है। अपने सपने को पूरा करने के लिए रात के समय झुग्गी से निकल कर अमीर लोगों के आशियाने के बाहर जल रही रोशनी में पढ़ रहे है। इन बच्चों का लक्ष्य भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की रक्षा करना और डॉक्टर बन कर लोगो की सेवा करना है। बेशक अभी इनकी उम्र छोटी है लेकिन लक्ष्य पूरा करने के लिए इरादा पक्का है।

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सपने देखेंगे तो पूरा होंगे
बिहार के सिवान जिले के रहने वाले और पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले राज, दूसरी कक्षा के छात्र आदित्य, पहली कक्षा में पढ़ने वाली सिमरन, शिवानी और महेंद्र ने बताया कि वे परिवार के साथ सेक्टर 1-4 में झुग्गी झोपड़ी में रहते है। माता-पिता सुबह काम पर चले जाते है। वे जो कमा कर लाते है उससे दो वक्त की रोटी नसीब होती है। हमारे मन की जो इच्छाएं है वो पूरी नहीं होती और दिन भर माता-पिता को ऐसे मजदूरी करता देखना नहीं चाहते। इसलिए सुबह पास के एक ही एक स्कूल में पढ़ने के लिए जाते है। रात के समय पार्क के सामने बनी कोठियों के बाहर फर्श पर बैठकर पढ़ाई करते है। कोठियों में रहने वाले कुछ नहीं बोलते बल्कि हमारी सहायता करते है। उन्होंने बताया कि हमार सपना भारतीय सेना और चिकित्सा लाइन में जाकर लोगों की सेवा करना है।

किताबे और स्टेनशरी देते है
सेक्टर 1-4 में रहने वाले और एसडीओ पद पर कार्यरत शलाउद्दीन कागदान ने बताया कि रात के समय छोटे बच्चे घर के बाहर फर्श पर बैठकर पढ़ाई करते है। यह देखकर उनकी हर संभव सहायता की जा रही है। बच्चों ने किताबें और स्टेनशरी के लिए बोला था। जो इन बच्चों को दे दी है। इसके अलावा हरियाणवी कलाकार विकास सातरोड़ियां ने भी बच्चों के लिए स्टेनशरी भिजवाई है।

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