बास। मनरेगा सहयोग मंच के आह्वान पर मंगलवार को गांव सुलचानी स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन में मनरेगा मजदूरों की बैठक आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता गांव प्रधान सत्यवान ने की। बैठक में 11 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल में सैकड़ों मनरेगा मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। साथ ही गांव स्तर पर 23 सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया गया।
वक्ताओं ने नई व्यवस्था वीबी (जी-राम-जी) को मजदूर विरोधी बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की और इसके खिलाफ व्यापक आंदोलन छेड़ने का आह्वान किया। ब्लॉक प्रधान प्रताप लोहारी ने कहा कि केंद्र सरकार की नई नीति मनरेगा को कमजोर करने की दिशा में कदम है जिससे मजदूरों के रोजगार और अधिकारों पर सीधा असर पड़ेगा। 11 फरवरी को मनरेगा से जुड़े सभी मेट और मजदूर राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे।
जिला अध्यक्ष कृष्ण कुमार ने कहा कि प्रस्तावित नया कानून रोजगार की गारंटी को समाप्त करता है और फंड की उपलब्धता के आधार पर काम देने की नीति अपनाकर मजदूरों को उनके अधिकारों से वंचित करता है। उन्होंने नहरों, राजवाहों और नालों की सफाई जैसे कार्य ठेकेदारों को सौंपने के फैसले को मजदूरों के काम के अधिकार पर हमला बताया।
बैठक में मजदूरों की प्रमुख मांगें दोहराई गईं जिनमें पूरे साल रोजगार की गारंटी, न्यूनतम 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी, मेट व कर्मचारियों को स्थायी करना, दुर्घटना में मृत्यु पर 25 लाख रुपये मुआवजा व एक सरकारी नौकरी शामिल हैं। साथ ही हरियाणा सरकार से मनरेगा पोर्टल तुरंत खोलने की मांग की गई। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि मनरेगा को कमजोर या बंद करने के किसी भी प्रयास के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी जाएगी और लोकसभा व बजट सत्र के दौरान प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान गांव कमेटी अध्यक्ष सत्यवान, सतू, मोहनलाल, सत्यवान, संदीप, राजेश आदि मौजूद रहे।