हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं व बारहवीं की परीक्षा में कुल 26 नकलची पकड़े गए हैं। जिनकी यूएमसी बनाई गई है। इनमें से 8 विद्यार्थी दसवीं कक्षा के और 18 विद्यार्थी 12वहीं कक्षा के हैं। दोनों ही कक्षाओं का मंगलवार को अंग्रेजी का पेपर था। दसवीं कक्षा की परीक्षा सुबह साढ़े 10 बजे से डेढ़ बजे तक हुई। वहीं बारहवीं की परीक्षा ढाई से साढ़े पांच बजे तक चली। इस दौरान बोर्ड द्वारा बनाई गई 10 फ्लाइंग ने विभिन्न स्कूलों में छापे मारे।
मंगलवार को जिले के 134 सेंटर्स पर 10वीं व 12वीं कक्षा की परीक्षा हुई। जिसमें करीब 40 हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। अति संवेदनशील केंद्रों पर कैमरों की निगरानी में परीक्षा करवाई गई। वहीं सभी केंद्रों के बाहर पुलिस कर्मचारियों की भी तैनाती की गई थी। इस दौरान करीब 40 हजार 200 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। अब दोनों कक्षाओं की अगली परीक्षा 9 मार्च को होगी।
चैयरमेन फ्लाइंग ने 6 और हांसी एसडीएम टीम ने 7 केस पकड़े
परीक्षा को नकल रहित बनाने के लिए जिले में बोर्ड ने कई उड़नदस्तों का गठन किया हुआ था। जिसमें चैयरमेन के अलावा जिला शिक्षा अधिकारी और विभिन्न एसडीएम के नेतृत्व में भी टीमें बनाई गई थी। बोर्ड के चैयरमेन की फ्लाइंग ने दसवीं के 2 और बारहवीं के 4 केस पकड़े। जबकि एसडीएम हिसार की टीम ने कोई केस नहीं पकड़ा। वहीं एसडीएम बरवाला ने दसवीं के 3 और बारहवीं के 4 केस और डीईओ बरवाला ने दसवीं का एक और बारहवीं के 5 केस बनाए। इनके अलावा बोर्ड के सचिव की फ्लाइंग ने 12वीं का एक, डिप्टी कमिश्नर की टीम ने दसवीं के 2, डीईओ हिसार ने बारहवीं का एक, डीईईओ हिसार ने 12वीं का एक, एसडीएम हांसी ने बारहवीं का एक और बीईओ हांसी की टीम ने बारहवीं का एक केस पकड़ा।
चार कोड के फार्मूले से नकल पर कसा शिकंजा
बोर्ड की नकल रोकने के लिए पूर्व निर्धारित घोषणा के अनुसार दोनों कक्षाओं के परीक्षा-पत्र में इस बार चार-चार कोड दिए गए। सभी पेपर में अलग-अलग प्रश्न दिए गए। ताकि नकल पर काबू पाया जा सके। इससे पहले पिछले साल तक केवल 3 कोड ही आते रहे हैं। उनमें भी एक जैसे ही प्रश्न अलग अलग क्रमों में आते थे। चार कोड होने के कारण विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। कोई कोड मुश्किल रहा तो कोई बिल्कुल आसान।