हिसार तहसील कार्यालय में प्रदेश सरकार के नियम कोई मायने नहीं रखते। यहां सरकार नहीं अधिकारियों के नियम चलते हैं। रजिस्ट्री क्लर्क के बारे में सरकार के आदेश हैं कि छह महीने से अधिक समय तक इस सीट पर किसी को नहीं रखा जा सकता। लेकिन जिले की कई तहसीलों में आरसी सात माह से लेकर दो साल से जमे हुए हैं।
सरकार की ओर से भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टालरेंस की बात तहसील कार्यालय तक नहीं पहुंचती। यहां सरकार के नियमों की सरेआम अनदेखी होती है। प्रदेश सरकार के नियमों के अनुसार कोई भी रजिस्ट्री क्लर्क एक सीट पर छह महीने से अधिक नहीं रह सकता। जिले में सात रजिस्ट्री क्लर्क इस तय सीमा को पार कर चुके हैं। जिसमें कुछ लोगों को तो एक सीट पर जमे हुए दो साल का समय हो गया। तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री क्लर्क की पोस्ट ही सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है। दरअसल कुछ अधिकारी अपने चहेतों को इस सीट पर रखते हैं, जिनके जरिए रजिस्ट्री का पूरा खेल होता है। इस कारण इन लोगों का तबादला नहीं किया जा रहा। जानकारी के अनुसार इस बारे में कुछ लोगों की ओर से शिकायत भी दी जा चुकी है। तहसील कार्यालय में कुछ महीने पहले भी भ्रष्टाचार का मामला आया था। जिसके बाद तहसीलदार को हिसार से मेवात में ट्रांसफर किया था।
मैंने मंगलवार को ही कार्यभार संभाला है। तहसील कार्यालय के बारे में जानकारी नहीं है। नियमों के अनुसार ही काम कराया जाएगा। इस बारे में अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर कार्यवाही होगी। किसी तरह ही गड़बड़ी सहन नहीं होगी।
- राजेंद्र कुमार, जिला राजस्व अधिकारी, हिसार