हिसार। शिक्षक शब्द से बड़ा कोई परिचय नहीं होता, क्योंकि यह हमें जिंदगी के पथ पर चलना सिखाते हैं और सही व गलत का अंतर बताते हैं। हमें सदैव अपने शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए। यह कहना है हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. बीआर कांबोज का। वह रविवार को डाबड़ा चौक स्थित होटल पार्क सेंच्युरी में आयोजित गुरु प्रणाम कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा ने बताया कि गुरु का दर्जा सबसे बड़ा होता है। ये ही हमारा भविष्य का तय करते हैं। कोरोना काल में जब सभी काम बंद थे तो शिक्षकों ने ही शिक्षा की ज्योत जलाकर हमारे बच्चों को साक्षर किया। गंगवा ने बताया कि गुरु प्रणाम कार्यक्रम में पहुंचे तो उनको अपने शिक्षकों की यादें आई, जिन्होंने मुझे पढ़ाया था, धन्य हैं शिक्षक। कार्यक्रम में स्कूल और कॉलेज के कुल 34 शिक्षकों को कोरोना काल में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान शिक्षकों ने कोरोना काल के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों और अनुभव को साझा किया।
कार्यक्रम में इन्हें किया सम्मानित
मिलिनियम पब्लिक स्कूल
- प्राचार्य रूबिका खेड़ा
- मीनू भाटिया
- बबिता
हिंदू पब्लिक स्कूल
- प्राचार्य भीम सिंह
- सुनीता लांबा
- प्रियंका
होली चाइल्ड स्कूल
- प्राचार्य लेखराज
- विश्वास चंद्र
- संपूर्ण नंद चौबे
न्यू यशोदा पब्लिक स्कूल
- डायरेक्टर जगमेंद्र सिंह
- प्राचार्य लिलिमा मैथ्यू
- सीमा सोमानी
- सुमन सैनी
विशेष एकेडमी ऑफ कॉमर्स
- डायरेक्टर तिलकराज जैन
- डायरेक्टर सुनील राज जैन
- अभिषेक गोयल
ओक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, उकलाना
- प्राचार्य जीवन कुमार
- पवन कुमार
- सचिन टूटेजा
आरपीएस पब्लिक स्कूल, गढ़ी
- प्राचार्य प्रीति वर्मा
- सविता
- कविता यादव
अथर्वा डिफेंस एकेडमी
- सीएमडी अनिल चौधरी
- विकास पिलानिया
- विक्रम पानू
सिटी कॉलेज ऑफ एजूकेशन
- डायरेक्टर महावीर सिंह पूनिया
- दीपा यादव
- रमेश कुमार
दर्शन एकेडमी
- प्राचार्य जेसिका कांबले
- हितेश बबल
- सीमा वर्मा
मदर प्राइड कॉन्वेंट स्कूल
- डायरेक्टर धर्मबीर जांगड़ा
- दीपिका एलावादी
- विकास पूनिया
स्कूल की सबसे मजबूत कड़ी प्राचार्य पद होता है। शिक्षक ही विद्यार्थियों को जीने की कला सिखाता है। विद्यार्थी चाहे किसी भी कक्षा या फिर किसी भी कोर्स की पढ़ाई कर रहा है। उसे नियमित कक्षा लगानी चाहिए। - धर्मबीर जांगड़ा, डायरेक्टर, मदर्स प्राइड कान्वेंट स्कूल
कोरोना काल में भी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखा। भले ही अधिकांश शिक्षकों को तकनीकी रूप से ज्ञान कम था, लेकिन फिर भी चुनौतियों से लड़कर सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पढ़ाना जारी रखा। - लिलिमा मैथ्यू, प्राचार्य, न्यू यशोदा पब्लिक स्कूल
पहले के शिक्षक, विद्यार्थियों से भावनात्मक रूप से जुड़े होते थे। पढ़ाने के दौरान कोई समय-सीमा का ध्यान नहीं रखते थे। आज के शिक्षक 40 से 45 मिनट का लेक्चर देकर चले जाते हैं। चाहे विद्यार्थी को समझ में आया हो या न आया हो। - महावीर सिंह पूनिया, डायरेक्टर, सिटी कॉलेज ऑफ एजूकेशन
12वीं पास विद्यार्थी भविष्य को लेकर हमेशा असमंजस में रहते हैं। इसके लिए हमें उन विद्यार्थियों की काउंसिलिंग करने की जरूरत है, ताकि पता रहें कि विद्यार्थी को किस विषय में रूचि है और वह अपना भविष्य किस में संवारना चाहता है। - सुनील राज जैन, डायरेक्टर, विशेष एकेडमी ऑफ कॉमर्स
आज की अहम समस्या बेरोजगारी है। जिस कारण अधिकांश बच्चे और युवा तनाव में रहते हैं। इसलिए ऐसे विद्यार्थियों को मेडिटेशन करना चाहिए, ताकि उनका मन विचलित न होकर काम में एकाग्र रूप से लगे। ताकि वे अपना भविष्य संवार सकें। - अनिल चौधरी, डायरेक्टर, अथर्वा डिफेंस एकेडमी
आज के युवाओं में सहनशीलता की कमी है। जिस कारण वे कई फैसले गलत ले बैठते हैं। जिसका खामियाजा उन्हें भविष्य में भुगतना पड़ता है। उस समय शिक्षक ही सफल मार्गदर्शक के रूप में उभरता है, जोकि विद्यार्थी को सही पथ की दिशा व दशा के बारे में बतलाता है। - प्रीति वर्मा, प्राचार्य, आरपीएस पब्लिक स्कूल, हांसी
शिक्षक ही सभी का भविष्य संवारता है। परिणामस्वरूप, विद्यार्थी उच्च पदों पर आसीन होते हैं। उसके पीछे शिक्षक ही मेहनत होती है, क्योंकि उसे पता होता है कि किस विद्यार्थी को किस तरह पढ़ाना है और कितने समय तक पढ़ाना है। - जीवन कुमार, प्राचार्य, उकलाना स्थित ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल
शिक्षक की कोई परिभाषा नहीं होती है। उसका काम केवल बच्चों को भविष्य संवारना होता है। वो एक मोमबत्ती की तरह होता है। जो खुद जलकर दूसरों को रोशनी दिखाता है। इसी प्रकार शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाकर उन्हें सही पथ पर चलने का ज्ञान बांटता है। - भीमसिंह, प्राचार्य, हिंदू पब्लिक स्कूल
कोरोना काल में जब सभी चीजें बंद थी तो शिक्षक विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई से जोड़कर उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन सरकार ने ऐसे शिक्षकों को कोरोना वारियर्स की संज्ञा नहीं दी है जबकि वे कोरोना योद्धा बनने के हकदार थे। - हितेश बबल, सीनियर एकेडमिक कॉओर्डिनेटर, दर्शन एकेडमी
अमर उजाला की तरफ से आयोजित गुरु प्रणाम कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्यातिथि डिप्टी स्पीकर रणबीर- फोटो : Hisar
अमर उजाला की तरफ से आयोजित गुरु प्रणाम कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्यातिथि एचएयू के कुलपति प्र?- फोटो : Hisar
अमर उजाला की तरफ से आयोजित गुरु प्रणाम कार्यक्रम के दौरान सम्मानित होने वाले शिक्षक। साथ में मुख?- फोटो : Hisar