झज्जर में सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर शुक्रवार को अधिकतर सभी विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सुबह सभी कर्मचारी पुराना बस स्टैंड के पीछे हनुमान मंदिर में इकट्ठे हुए। हड़ताल का रोडवेज पर असर नहीं दिखा। सभी बसें अपने निर्धारित रुट पर चलीं। कुछ देर में कर्मचारी शहर में प्रदर्शन करेंगे। बेरी, मातनहेल, साल्हावास और माछरोली के सभी कर्मचारी पुराना बस स्टैंड झज्जर पर इकट्ठे होते हुए विरोध प्रदर्शन करेंगे।
जींद में भारत बंद से रोडवेज का चक्का पूरी तरह से जाम रहा है। अल सुबह किलोमीटर स्कीम की ही चार बसों को लंबे रूटों पर निकाला गया। जिसके बाद सभी चालक व परिचालकों ने बस अड्ड प्रांगण में धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके अलावा बस अड्डे पर सवारियों का गंतव्य तक पहुंचाने का बार केवल परिवहन समिति की बसों पर रहेगा। सुबह बस अड्डे पर भी भारत बंद के चलते ज्यादा यात्री भी ज्यादा नहीं पहुंचे। दिन में यात्रियों को ज्यादा परेशानी होगी। इसके अलावा लघु सचिवालय में सरल केंद्र व तहसील कार्यालय में लोगों को काम काज के चलते ज्यादा परेशानी होगी। इन कर्मियों ने भी भारत बंद का आह्वान किया हुआ है।
भारत बंद का असर कुरुक्षेत्र में दिखाई दिया, जिसके चलते कुरुक्षेत्र रोडवेज डिपो के कर्मचारियों ने सांझा मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद का समर्थन किया। रोडवेज कर्मचारियों ने काम का बहिष्कार किया, जिसके चलते बस अड्डा भी पूरी तरह से खाली दिखाई दिया। रोडवेज कर्मचारी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रोष जताते दिखाई दिए।वहीं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में भी भारत बंद का असर नजर आया। कुवि के कर्मचारियों ने भारत बंद का समर्थन किया, जिससे कुवि के कई विभागों में कर्मचारियों ने काम का बहिष्कार किया और हड़ताल पर रहे।
सिरसा में भारत बंद के चलते शुक्रवार को रोडवेज का चक्का जाम रहा। डिपो के काउंटर पूरी तरह से खाली रहे। हालांकि रोडवेज प्रशासन ने बसों को गलियों में खड़ा करवाया हुआ है, ताकि बसों को चलाया जा सके। वहीं, दूसरी ओर रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने डिपो के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। बता दें कि लोगों को अपने गंतव्य को लेकर निजी वाहनों और ऑटो रिक्शा का सहारा लेना पड़ रहा है।
चरखी दादरी में शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर जिले में भी रहा। किसान संगठन सुबह से ही मोरवाला टोल प्लाजा पर पहुंच गए और टोल फ्री करवा दिया। हालांकि बाजारों में सामान्य दिनों की तरह कामकाज होता रहा। वहीं विभिन्न विभागों में कर्मचारी संगठन हड़ताल पर रहे। रोडवेज कर्मियों ने चक्का जाम किया और बस स्टैंड परिसर में ही सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि रोडवेज की कुछ बसें स्थानीय रुटों पर चली भीं।
फतेहाबाद के गांव अयाल्की में अभी भी किसान डटे हुए हैं। वहीं किसान संगठन वीरवार को पंजाब के किसानों व भारत बंद के समर्थन में टोल नाकों की ओर कूच कर गए हैं। टोहाना में किसान संयुक्त मोर्चा ने टोहाना से लगते 7 गांवों के मुख्य मार्गों को बंद कर दिया है। रतिया में किसान रोष मार्च निकाल रहे है, वहीं पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति सिरसा के भावदीन व भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के किसान हिसार के लांधड़ी टोल को मुक्त करने के लिए फतेहाबाद से कूच कर गए हैं।
रोहतक में भारत बंद को लेकर रोडवेज व किलोमीटर स्कीम की बसों का पूरी तरह से चक्का जाम रहा। रोडवेज यूनियन को प्राइवेट संचालकों ने समर्थन ही नहीं किया। इससे शहर में प्राइवेट बसों समेत रोडवेज की सिटी बसें भी शहर में चली है। यूनियन पदाधिकारी सुबह साढ़े तीन बजे ही रोडवेज डिपो पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं चक्का जाम की अध्यक्षता डिपो प्रधान जयकुवार दहिया ने की।