अमर उजाला ने 13 अक्तूबर को इस मामले को पहली बार उजागर किया था, जिसमें पाया हिसार जिले में करीब 65000 एकड़ में बाजरे का फर्जी पंजीकरण किया गया था। 2200 किसानों के नाम से यह पंजीकरण किया गया था। राजस्व विभाग की जांच में यह पंजीकरण फर्जी मिलने पर इस पंजीकरण को रद्द करा दिया गया था।
एमएफएमबी पोर्टल पर बाजरे की फसल के पंजीकरण में अनियमितताओं और धोखाधड़ी की शिकायतें मिली हैं। “कुछ नागरिक सेवा केंद्र (सीएससी) के मालिक और साइबर अपराधियों के साथ मिलकर इसे अंजाम दे रहे थे। कुछ किसान धोखेबाजों के इस नेटवर्क में फंस गए थे। सरकार को जो धोखा देने की कोशिश करेगा उसे देर-सबेर परिणाम भुगतना पड़ेगा। हमें बाजरा भावांतर भरपाई के भुगतान को रोकना पड़ा है। -जेपी दलाल, कृषि मंत्री, हरियाणा
2023 में भावांतर भरपाई योजना में हुए फर्जीवाड़े के मामले में भिवानी पुलिस ने लोहारू, बहल, सिवानी, तोशाम, भिवानी के पुलिस स्टेशनों में दस एफआईआर दर्ज की थीं। इन मामलों में अब तक 23 लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रदेश सरकार ने अब नए सिरे से पंजीकरण की प्रक्रिया शुरु की है। अब किसान के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। उसके बाद ही पंजीकरण हो सकेगा।
जिला पंजीकृत किसान--- पंजीकृत एरिया एकड़ में----- सत्यापित किसान---- सत्यापित एरिया एकड़ में
भिवानी 48492--235358--48211---183593
चरखी दादरी 46271- 188546-44744 --153434
महेंद्रगढ़--88542-318170-87943--289838
रेवाड़ी 57608-231229-57187-211674
मेवात 33074-236637-26712-120548
हिसार 26034- 78002- 24424- 58054
झज्जर 25093-126922-21803-83238
गुरुग्राम 22553-120713-22051-106184