अधिवक्ता रजत कलसन ने याची की तरफ से कोर्ट में याचिका डाली। इसके बाद जेएमआईसी अंतरप्रीत की अदालत में चार बार सुनवाई के दौरान भी डीएसपी जोगिंद्र पेश नहीं हुए। शुक्रवार को भी अदालत में सुनवाई के दौरान डीएसपी पेश नहीं हुए।
छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट के मामले में जेएमआईसी अंतरप्रीत की अदालत ने सुनवाई के दौरान गैरहाजिर रहने पर हिसार के तत्कालीन डीएसपी जोगिंद्र शर्मा को जमानती वारंट जारी किए हैं। जोगिंद्र शर्मा अब अंबाला में कार्यरत हैं। डीएसपी पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
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जिले के एक गांव के युवक ने 10 जुलाई 2021 को आजाद नगर थाना में गांव के राजेंद्र पर उसकी पत्नी से छेड़छाड़, मारपीट व एससी-एसटी एक्ट की धाराओ में केस करवाया था। पीड़ित का आरोप है कि युवक ने नेताओं से पहचान का फायदा उठाया और जांच अधिकारी डीएसपी जोगिंद्र से मिलीभगत कर एससी-एसटी एक्ट की धाराएं केस से हटवा दी।
अधिवक्ता रजत कलसन ने याची की तरफ से कोर्ट में याचिका डाली। इसके बाद जेएमआईसी अंतरप्रीत की अदालत में चार बार सुनवाई के दौरान भी डीएसपी जोगिंद्र पेश नहीं हुए। शुक्रवार को भी अदालत में सुनवाई के दौरान डीएसपी पेश नहीं हुए। जिसके बाद अदालत ने पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाकर डीएसपी को जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही एसपी अंबाला को निर्देश दिए है कि डीएसपी जोगिंद्र शर्मा को अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए जाए। रजत कलसन ने कहा कि अगर अब भी डीएसपी पेश नहीं हुए तो डीएसपी के खिलाफ अदालत गिरफ्तारी का वारंट भी जारी कर सकती है।