रोहतक में 22 दिसंबर को होने वाली हल्ला बोल रैली के लिए क्षेत्र की आशा वर्करों ने लामबंद होते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आशा वर्कर हरियाणा सर्व कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर सामान्य अस्पताल में एकत्रित हुई। आशा वर्करों की इस विशेष बैठक को हैमसा के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम गोदारा, सर्व कर्मचारी संघ के खंड प्रधान लक्ष्मण दास चलाना और डॉ. राम किशन कंबोज ने संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि सरकार की कर्मचारी और जन विरोधी नीतियों से तंग आकर उन्हें मजबूरन रोहतक में हल्ला बोल रैली करनी पड़ रही है। उन्होंने आशा वर्करों को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि रैली में ठेकेदारी प्रथा व निजीकरण को समाप्त किया जाए, प्रदेश के लिए अलग वेतन आयोग गठन करने के साथ-साथ केंद्र के समान वेतन लागू किया जाए, दो वर्ष पूरे कर चुके पार्ट टाइम, डेली वेजेज और अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों व शिक्षकों को नियमित किया जाए, कैशलैस मेडिकल सुविधा, रोडवेज के 3519 रूट परमिट निजी हाथों में देने को निर्णय को रद्द किया जाए, आशा, मिड-डे-मील, आंगनबाड़ी और मेस वर्कर को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए, 15 हजार न्यूनतम वेतनमान सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।
इस अवसर पर आशा वर्कर प्रधान राजेंद्र कौर, सचिव चरणजीत कौर, राजबाला, हरभजन कौर, वीरपाल कौर, मंजू देवी, संतोष देवी और पायल रानी मौजूद रहीं।