नगर परिषद में शुक्रवार को प्रधान मुकेश देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके बाद सर्वसम्मति से कई फैसले लिए गए। बैठक में नगर परिषद के वार्ड 1 से 7 तक की सफाई का ठेका बंद कर इसे नगर परिषद द्वारा करवाने पर मोहर लगाई गई है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने गोहाना रैली में यह घोषणा की है कि एक जनवरी से प्रदेश में ठेके पर कोई काम नहीं करवाया जाएगा। इसे देखते हुए जींद के 7 वार्डों में सफाई का काम सुचारू रूप से चलाने के लिए दो नए ट्रैक्टर और दो ट्राली खरीदी जाएंगी। इसके लिए पैसा वैट से हुई आमदनी से खर्च किया जाएगा।
इसके अलावा नगर परिषद की गुरुद्वारा के साथ लगती खड्डे वाली जमीन में पार्किंग बनाने पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा नगर परिषद के नए कार्यालय के निर्माण, कार्यकारी अधिकारी और सचिव की रिहायश व शापिंग कांप्लैक्स बनाने पर भी बैठक में विचार हुआ। बैठक में पुरानी कचहरी रोड पर सहकारी बैंक के साथ लगते पुराने भवन के मलबे को खुली बोली पर बेचकर इसकी जगह रैन बसेरा, पार्किंग व दुकान बनाने की स्वीकृति पर पार्षदों ने सहमति की मोहर लगाई।
तीन दिसंबर तक प्राप्त हुए भवन प्लानों को स्वीकृति देने पर भी विचार किया गया। सरकार से वैट के तहत मिली एक करोड़ 23 लाख 16 हजार की राशि से विकास कार्य करवाने पर भी चर्चा की गई। स्लाटर हाउस में ईटीपी के निर्माण पर खर्च होने वाली राशि अनुदान राशि से लेने पर भी चर्चा हुई। प्रधान मुकेश देवी के अनुसार जींद नगर परिषद के लेखाकार 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
उनकी जगह लेखा शाखा के कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए सेवानिवृत्त लेखाकार को डीसी रेट पर नियुक्त करने पर भी बैठक में मौजूद पार्षदों से विचार किया गया।
नप प्रधान ने कहा कि सरकार ने रानी तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए छह करोड़ खर्च करने की अलग से घोषणा की गई थी, लेकिन उन्हें परिषद के खर्च में जोड़ने से शहर के विकास कार्यों पर प्रभाव पड़ेगा। इसलिए सरकार को रानी तालाब के सौंदर्यकरण के लिए छह करोड़ का प्रावधान अलग से करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शहर के विकास के लिए घोषित विकास राशि में 5 करोड़ की राशि अभी तक नगर परिषद को नहीं मिल पाई है।
परिषद की बैठक में प्रधान मुकेश देवी, पूर्व प्रधान सुदेश देवी, उपप्रधान रमेश खट्टर, विजेंद्र रेढू, प्रवीन बेनीवाल, सुधीर कौशिक, हरफूल सैनी, हरीश कुमार अरोड़ा, विनोद आसरी, जिले सिंह जागलान, विद्यावती, विजय नागर, रूपराम सैनी, रमेश फुलिया, कुलदीप सिंह, हरपाल सिंह, सुनीता रानी, संतोष, राकेश कुमार, कमला देवी, जसमेर, बालारानी और गुलशन कुमार आहूजा सहित सचिव मुकेश, एमई भी मौजूद रहे।