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देश के नक्शे में अरविंद केजरीवाल ने दिलाई सिवानी को अलग पहचान

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सिवानी में अपने दोस्तों के साथ एक शादी समारोह में अरविंद केजरीवाल। - फोटो : Hisar
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सिवानी मंडी। अरविंद केजरीवाल ने सिवानी का नाम देश और दुनिया के नक्शे पर ला दिया है। पढ़ाई के समय से ही समाजसेवा का ककहरा पढ़ने वाले अरविंद केजरीवाल में समाजसेवा का जुनून बचपन से ही था। वे आरटीआई कार्यकर्ता और फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना की टीम के प्रमुख सदस्य रहे। देश में अब उनकी पहचान मफलर मैन के रूप में होती है।
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प्रदेश से अरविंद केजरीवाल पहले ऐसे शख्स हैं, जो लगातार तीसरी बार दिल्ली के सीएम बने। 16 अगस्त 1968 को सिवानी में जन्में अरविंद केजरीवाल की प्रारंभिक शिक्षा सोनीपत, न्यांगल और हिसार में हुई। पहली से चौथी कक्षा अरविंद ने सोनीपत में की और बाद में सातवीं तक वे गाजियाबाद में पढ़े। आठवीं और नौवीं की पढ़ाई उन्होंने सिवानी के साथ लगते गांव न्यांगल के स्कूल में की और दसवीं की कक्षा एचएयू कैंपस के स्कूल से पास की। 11वीं और 12वीं की परीक्षा अरविंद ने हिसार के दयानंद कॉलेज से पास की। 12वीं के बाद में उनका प्रवेश आईआईटी खड़कपुर में हो गया। वहां से इंजीनियरिंग की परीक्षा पास करके अरविंद ने 2 साल तक टाटा कंपनी में नौकरी भी की। इसके बाद सिविल सेवा पास करके वे आयकर विभाग में ज्वाइंट कमीश्नर बन गए, लेकिन अरविंद की मंजिल नौकरी नहीं समाजसेवा थी और इसे उन्होंने बखूबी निभाया भी। उन्होंने नौकरी से इस्तीफा देकर समाजसेवा की राह चुन ली और परिवर्तन नाम की एक संस्था बनाकर समाजसेवा में जुट गए। इसी बीच उनका संपर्क अन्ना हजारे से हुआ और उनके साथ मिलकर उन्होंने काम शुरू कर दिया। अरविंद के पिता गोबिंद और मां गीता का कहना है कि अरविंद बचपन से ही मेहनती और संघर्षशील रहा है। सूचना का अधिकार कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने जो काम किया है वह लोगों के सामने एक मिसाल बनकर सामने आया है। उन्हें इस क्षेत्र में अवॉर्ड भी मिल चुका है।
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