सेना भर्ती के दूसरे दिन रविवार को एक और फर्जीवाड़े के मामला सामने आया। भर्ती केंद्र में हिसार और फतेहाबाद के अभ्यर्थियों का सुबह तड़के तीन बजे प्रवेश शुरू हो गया था। एक घंटे बाद एक अभ्यर्थी प्रवेश पत्र दिखाकर अंदर भर्ती केंद्र में प्रवेश करने में सफल हो गया। हालांकि दस्तावेज जांच प्रक्रिया के दौरान उसका निवास प्रमाण पत्र सिरसा का मिला। मामला संदिग्ध देख सेना के जवान ने अभ्यर्थी के दस्तावेजों की स्कैनर से जांच की। जिसमें अभ्यर्थी न तो हिसार का मिला और न ही फतेहाबाद का। इस पर सैन्य अधिकारियों ने अभ्यर्थी से पूछताछ की तो उसने बताया कि प्रवेश पत्र में सिरसा की जगह उसने फतेहाबाद कराया है। सैन्य अधिकारियों ने अभ्यर्थी को चेतावनी देकर बाहर का रास्ता दिखा दिया।
प्रवेश पत्र फतेहाबाद का, लेकिन निवास प्रमाण पत्र सिरसा का
सैन्य अधिकारियों ने बताया कि अभ्यर्थी सिरसा का रहने वाला था, जिनकी शनिवार को भर्ती थी लेकिन दस्तावेज संबंधित प्रक्रिया में लेट होने के कारण अभ्यर्थी प्रवेश नहीं कर सका। रविवार को अभ्यर्थी ने प्रवेश पत्र में छेड़छाड़ कर सिरसा की जगह फतेहाबाद करवा लिया और सेना भर्ती में एंट्री करने का प्रयास किया। हालांकि प्रवेशपत्र व निवास प्रमाण पत्र मेल न खाने के कारण दोनों दस्तावेजों की स्कैनर से जांच की तो अभ्यर्थी सिरसा का रहने वाला निकला।
200 रुपये लेकर प्रवेश पत्र में कर रहे हेरफेर
ड्यूटी पर तैनात सैन्य अधिकारियों ने बताया कि दो से तीन मामले जांच के बाद सामने आए हैं कि हिसार छावनी के बाहर कुछ कंप्यूटर आपरेटर्स 200 से 300 रुपये लेकर प्रवेश पत्र में छेड़छाड़ कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि मामले का खुलासा खुद अभ्यर्थी ही कर रहे हैं। हालांकि सभी को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है, लेकिन भविष्य में ऐसे मामले सामने आते हैं तो संबंधित अभ्यर्थी पर कार्रवाई की जाएगी।
अभ्यर्थियों को दिया प्रवेश के लिए अतिरिक्त समय
सेना भर्ती में आने वाले अभ्यर्थियों के प्रवेश का समय अलसुबह 3 बजे से 7:30 बजे तक है। हालांकि सैन्य अधिकारियों ने रविवार को अभ्यर्थियों को प्रवेश के लिए एक घंटे का अतिरिक्त समय दिया। इसके तहत अभ्यर्थियों को सुबह 8:30 बजे तक प्रवेश कराया गया। इससे उन अभ्यर्थियों को भी प्रवेश करने का मौका मिल गया, जो किसी कारणवश लेट हो गए थे।
मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने की होड़
मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए रविवार को एक बार फिर नागरिक अस्पताल में अभ्यर्थियों की भीड़ देखने को मिली। हालांकि अवकाश का दिन होने पर आमजन की भीड़ से राहत तो जरूर मिली, लेकिन आपातकालीन सेवाएं फिर भी सामान्य रूप से मरीजों को नहीं मिल पाईं। क्योंकि मेडिकल प्रमाण पत्र सत्यापन करवाने के लिए कोविड ब्लॉक में अभ्यर्थियों की भीड़ देखने को मिली।