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अंतिम ने विश्व कैडेट कुश्ती चैंपियनशिप में जीता कांस्य पदक

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हिसार। यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता, लेकिन कई बार दूसरों से मिली प्रेरणा हम शिखर पर ले जाती हैं। ऐसा ही कर दिखाया हिसार जिले के गांव भगाना की महिला पहलवान अंतिम ने। अंतिम ने अपनी बड़ी बहन सरिता से प्रेरणा लेकर कुश्ती खेलना शुरू किया। अब अंतिम ने हंगरी में हुई वर्ल्ड कैडेट कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया है। अंतिम ने 53 किलोग्राम भारवर्ग में तुर्की की पहलवान को 8-2 से हराया।
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अंतिम चार साल से कुश्ती का प्रशिक्षण ले रही है। फिलहाल वह आजाद नगर स्थित सुशील कुमार एकेडमी में कोच विकास सिहाग, बलवंत के पास प्रशिक्षण ले रही है। अंतिम चार बहनों में चौथे नंबर की है। अंतिम का एक भाई है। पिता रामनिवास खेतीबाड़ी करते हैं। एकेडमी के संचालक जसबीर का कहना है कि इससे पहले भी अंतिम कई पदक जीतकर नाम रोशन कर चुकी है। पिता रामनिवास का कहना है कि बड़ी बेटी सरिता कबड्डी की खिलाड़ी रह चुकी है। चार साल पहले बेटी सरिता ने अपनी छोटी बहन अंतिम से कहा कि टीम गेम खेलने की बजाय कुश्ती खेलना शुरू कर दे, क्योंकि कुश्ती एकल गेम है। इस गेम में खुद की मेहनत काम आएगी। जितना मेहनत करेगी उतना ही अच्छा परिणाम मिलेगा। उसके बाद अंतिम ने महाबीर स्टेडियम में कुश्ती कोच रोशनी ढाका के पास प्रशिक्षण लेना शुरू किया।
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