लुवास परिसर में धरने पर बैठे विद्यार्थी।
हिसार। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय (लुवास) में इंटर्नशिप कर रहे विद्यार्थियों ने स्टाइपेंड (वजीफा) बढ़ाने की मांग के लिए वेटरनरी क्लिनिक का गेट बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। उनको भी एमबीबीएस, बीडीएस स्टूडेंट की तरह 24310 रुपये स्टाईपेंड मिला चाहिए। प्रदर्शन के दौरान पशु चिकित्सा सेवाएं प्रभावित रहीं। इंटर्न छात्रों की हड़ताल के कारण केवल चिकित्सक ही पशुओं का इलाज कर रहे हैं। स्टूडेंट ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक विरोध जारी रहेगा।
लुवास से बीवीएससी एंड एएच की डिग्री कर रहे सत्र 2020 के विद्यार्थियों ने अपनी स्टाइपेंड की मांग को लेकर बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने बताया कि इंटर्नशिप के दौरान उन्हें 17 हजार रुपये स्टाइपेंड मिल रहा है। रोहतक पीजीआई में एमबीबीएस के स्टूडेंट को 3 जुलाई 2024 से 24310 रुपये मिल रहे हैं। इससे पहले भी एमबीबीएस, बीडीएस व बीवीएससी के विद्यार्थियों को एक समान स्टाइपेंड मिलता रहा है। लुवास में इंटर्नशिप उन्हें भी इसी अनुपात में स्टाइपेंड मिलना चाहिए।
विश्वविद्यालय के डीन डॉ. गुलशन, डॉ. पवन कुमार ने स्टूडेंट को समझाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने दोपहर 2 बजे तक गेट खोलने से मना कर दिया। छात्रों का कहना है कि वे कई बार प्रशासन से मिल चुके हैं, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला है। इससे पहले उन्होंने 18 मार्च को प्रदर्शन किया था। तब उन्हें एक सप्ताह में समाधान का भरोसा दिलाया गया था।