हिसार। अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त पर 30 अप्रैल को बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन की अपील है कि अगर आपको कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो हेल्पलाइन नंबर 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 व महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर शिकायत दें।
जिला प्रशासन ने जिले में पुजारी, पाठी, गांव के पंच, सरपंच, नंबरदार व शहरों में नगर पार्षदों एवं सामुदायिक केन्द्र, सार्वजनिक भवन, मैरिज पैलेस, धर्मशाला के मालिक/प्रभारियों, कार्ड प्रिंटिंग, फोटोग्राफर, बैंड बाजा व टेंट हाउस के संचालकों को दूल्हा व दुल्हन के आयु प्रमाण पत्र जांचने के निर्देश दिए हैं। बाल विवाह एक सामाजिक कुप्रथा है बल्कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार कानूनन अपराध है। नियम के तहत बाल विवाह के आयोजन में भागीदार सभी लोगों पर कानूनी कार्यवाही किए जाने का भी प्रावधान है, जिसके तहत 2 साल की जेल व एक लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान हैै। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति झूठी शिकायत करता है, तो उसके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।