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जीत के बाद शर्मिला ने किया फोन, बोली- मम्मी जी बधाई, गोल्ड लाएंगे,

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भारतीय टीम की जीत के बाद लड्डू बांटते समाजसेवी योगराज शर्मा। संवाद - फोटो : Hisar
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हिसार। टोक्यो ओलंपिक खेल रही हिसार की उदिता और शर्मिला ने क्वार्टर फाइनल में जीत के बाद घर पर फोन किया तो परिवार के सदस्य खुशी से झूम उठे। जीत के बाद दोनों खिलाड़ियों के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। रिश्तेदार फोन कर बेटियों के जीत की बधाई दे रहे हैं। जीत के बाद शर्मिला ने घर पर फोन किया और कहा मम्मी जी बधाई, गोल्ड मेडल लेकर ही आएंगे। वहीं उदिता ने कहा, हम बहुत खुश है। मेहनत करेंगे और जीतेंगे। सोमवार को भारतीय टीम ने आस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर मैच जीत लिया। शर्मिला की माता संतोष देवी का कहना है कि जिस हिसाब से बेटियां प्रदर्शन कर रही हैं वह जरूर गोल्ड मेडल लेकर आएंगी।
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न्यू पुलिस लाइन की रहने वाली उदिता की माता गीता देवी ने कहा कि जीत के बाद बेटी बहुत खुश है। उदिता ने अपनी छोटी बहन मोंटी दूहन से भी बात की। इस दौरान उदिता ने कहा कि यह टफ कंपीटिशन था। मैच जीतने के लिए पूरी टीम ने जोर लगाया। उदिता ने कहा कि वह पिता का सपना पूरा करने के लिए रास्ते पर चल रही है। पिता का सपना जरूर पूरा करूंगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में उदिता के पिता जसबीर सिंह का बीमारी के चलते निधन हो गया था। पिता हरियाणा पुलिस में ईएसआई के पद पर कार्यरत थे। वहीं शर्मिला के भाई मान सिंह ने कहा कि खेल के दौरान बहन शर्मिला को कमर में मामूली चोट आई हैं, लेकिन चोट का दर्द मैच जीतने के बाद खुशी में बदल गया।
सविता ने हिसार से की थी शुरुआत, क्वार्टर फाइनल मैच में सविता पूनिया ने सात पेनल्टी कॉर्नर रोक मैच जिताने में निभाई अहम भूमिका गोलकीपर सविता पूनिया मूलरूप से सिरसा के जोधकां की रहने वाली है, मगर सविता ने अपने खेल करियर की शुरुआत हिसार से ही की थी। हिसार में कई सालों तक अभ्यास किया। जब भी सविता हिसार आती है तो वह एस्ट्रोटर्फ पर अभ्यास करती है। उन्हें देख अन्य खिलाड़ी भी प्रेरित होती हैं। सोमवार को हुए क्वार्टर फाइनल मैच में सविता पूनिया ने सात पेनल्टी कॉर्नर को रोक मैच जिताने में अहम भूमिका निभाई।
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जीत के बाद शर्मिला के माता-पिता पहुंचे एस्ट्रोटर्फ, लड्डू बांटकर मनाई खुशी
पहली बार महिला और पुरुष की टीम सेमीफाइनल में पहुंचने पर एस्ट्रोटर्फ पर लड्डू बांटकर खुशियां मनाई गई। इस दौरान शमिला के पिता सुरेश कुमार और माता संतोष देवी भी पहुंचे। डाबड़ा ने खिलाड़ियों ने भारतीय टीम के लिए जीत की कामना की। वहीं एस्ट्रोटर्फ पर डिप्टी मेयर जयवीर गुर्जर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि बेटियां हिसार आने पर बड़ा कार्यक्रम किया जाएगा और यहां की बेटियों को खेल किट दी जाएगी। इस अवसर पर सीनियर हॉकी कोच राजेंद्र सिहाग, सेवानिवृत डीईओ देवेंद्र, हॉकी कोच रुचिका, प्रवीणा सिहाग, डीपीई नवीन टीशा आदि मौजूद रहे।
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तीन बार की पूर्व चैंपियन आस्ट्रेलिया को हराने के दौरान टीम की बेहतर फिटनेस दिखी। टीम ने अटैकिंग गेम खेला और डिफेंस भी मजबूत दिखा। भारतीय टीम में सभी खिलाड़ी अच्छा खेल रही हैं। उम्मीद है कि आगे भी बेहतर रहेगा। मेरी ओर से पूरी टीम को बधाई देता हूं।
- आजाद मलिक, सीनियर हॉकी कोच
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भारतीय टीम का प्रदर्शन काबिले तारीफ है। इस प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय वासियों को उम्मीदें है कि बेटियां गोल्ड मेडल जरूर लेकर आएंगी। हमें बेटियों पर गर्व है।
- राजेंद्र सिहाग, सीनियर हॉकी कोच
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5 करोड़ व एचसीएस की नौकरी की घोषणा करने की समाजसेवी योगराज शर्मा ने उठाई
उधर, समाजसेवी योगराज शर्मा ने भारत की टीम सेमीफाइनल में पहुंचने पर बधाई दी। शर्मा ने कहा कि महिला हॉकी टीम की जीत गोलकीपर सविता पूनिया के श्रेष्ठ प्रदर्शन बदोलत हुई। वर्ष 2016 के ओलंपिक खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम को 36 वर्षों बाद क्वालीफाइ करवाने में भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पूनिया का श्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था। ऐसे में मुख्यमंत्री मनोहरलाल, खेल मंत्री संदीप सिंह सविता पूनिया के श्रेष्ठ प्रदर्शन के बदोलत ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाने पर 5 करोड़ की नकद राशि व एचसीएस की नौकरी की घोषणा करनी चाहिए।
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