हिसार। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) थाने का सोमवार को निरीक्षण करने पहुंचे बीकानेर रेल मंडल के एडीआरएम रूपेश कुमार को पुलिसकर्मियों ने थाना भवन व आवासों की बदहाल स्थिति से रूबरू कराया। इस पर उन्होंने कहा कि रेलवे विभाग केवल मरम्मत का बजट उपलब्ध करवा सकता है। नया भवन बनाने की जिम्मेदारी राजकीय रेलवे पुलिस की है।
संवाद न्यूज एजेंसी की ओर से अमर उजाला में 25 से 28 जून तक समाचार प्रकाशन के बाद एडीआरएम दोपहर बाद जीआरपी थाने पहुंचे। इससे पहले उन्होंने रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एडीआरएम ने थाना भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस कर्मचारियों ने नया भवन बनाए जाने की मांग की तो उन्होंने कहा कि नियमानुसार रेलवे विभाग केवल थाने की मरम्मत करवा सकता है। थाना अमृत योजना में शामिल होता तो पुनर्निर्माण करा सकते थे। डीएसपी कृष्ण कुमार ने वर्ष 2022 से नया थाना बनाने के लिए चल रही फाइल का हवाला देते थाने के नवनिर्माण का प्रस्ताव रखा। उन्होंने थाने का नक्शा दिखाया तो एसपी के माध्यम से फाइल भेजने के लिए कहा।
अधिकारी एक-दूसरे पर टाल रहे : बीकानेर मंडल के एडीआरएम के आने की सूचना पर थाने का गेट गिरने से घायल एसआई ऊषा अस्पताल से छुट्टी लेकर थाने पहुंचीं। उन्होंने बताया कि थाने की जर्जर हालत पर कोई अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा। सभी ने हमें अपने हालात पर छोड़ रखा है। अधिकारियों के सामने समस्या रखते हैं तो वे एक-दूसरे पर टाल देते हैं। वे कहते हैं कि थाना भवन को जर्जर घोषित कर दिया गया है तो यहां क्यों रह रहे हैं। उन्होंने एडीआरएम से कहा कि थाना भवन गिरने के कगार पर है। इस स्थिति में क्या सड़क पर बैठकर काम करें।