हिसार। शहर के 20 वार्डों में घर-घर से कचरा एकत्रित करने का कार्य सोमवार से शुरू होगा। सुबह 7 बजे एचएयू के गेट नंबर-1 के सामने कचरा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। पहले इस कार्य का शुभारंभ मुख्यमंत्री के हाथों होना था, लेकिन उनका कार्यक्रम रद्द हो गया।
नगर निगम ने पहली बार कचरा संग्रहण के लिए एक साथ 5 साल का टेंडर जारी किया है। इससे पहले हर वर्ष एक-एक साल के टेंडर लगाए जाते थे। मुख्यालय के अनुसार, एक साल के टेंडर में समय कम होता है और पुराना टेंडर खत्म होने के बाद नया टेंडर लगाने से पहले अक्सर अंतराल आ जाता है। इस दौरान सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है और कई बार व्यवस्था चरमरा जाती है। इसी समस्या के समाधान के लिए इस बार 5 साल की अवधि वाला टेंडर लगाया गया है, ताकि बार-बार नए टेंडर की प्रक्रिया से होने वाली देरी और अव्यवस्था से छुटकारा मिल सके।
नए टेंडर में किए गए प्रमुख बदलाव
कचरा उठाने वाली प्रत्येक गाड़ी पर अब चालक के साथ एक हेल्पर अनिवार्य रूप से तैनात रहेगा। हेल्पर गाड़ी में कचरा डलवाने में मदद करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डाला जाए। इसके अलावा, गाड़ियों में खतरनाक श्रेणी के कचरे के लिए अलग से एक बॉक्स भी लगाया गया है। हेल्पर हर घर पर लगाए गए आरएफआईडी टैग को स्कैन करेगा, ताकि यह रिकॉर्ड हो सके कि उस घर से कचरा उठाया गया है या नहीं। एजेंसी को भुगतान भी इन्हीं स्कैन रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। इस बार 20 वार्डों में कुल 150 गाड़ियां कचरा उठाने के लिए लगाई गई हैं। इनमें से 10 प्रतिशत गाड़ियां बैटरी संचालित होंगी।
घरों से कचरा उठाने पर हर साल खर्च होंगे 11 करोड़ रुपये
नगर निगम ने 20 वार्डों के लिए 56 करोड़ रुपये की लागत से 5 वर्ष का टेंडर जारी किया है। इस हिसाब से हर साल लगभग 11 करोड़ रुपये घरों से कचरा उठान पर खर्च होंगे। ध्यान रहे, इस टेंडर में सिर्फ कचरा उठाने का काम शामिल है। कचरे के निपटान के लिए अलग टेंडर लगाया जाएगा, जिसके लिए निगम को अभी मुख्यालय से स्वीकृति नहीं मिली है।
गलत लगे आरएफआईडी टैग, अभी तक नहीं हटाए
इधर, दोनों एजेंसियों द्वारा कई प्रॉपर्टियों पर गलत तरीके से आरएफआईडी टैग लगाने की शिकायतें सामने आई हैं। कई घरों पर दो-दो टैग लगाए गए, जबकि कुछ खाली प्लॉटों पर भी टैग चिपका दिए गए। माना जा रहा है कि ऐसा फर्जीवाड़े की नीयत से किया गया, क्योंकि इस बार जितने अधिक टैग स्कैन होंगे, एजेंसी को उतना अधिक भुगतान मिलेगा। नगर निगम के संज्ञान में आने के बाद एजेंसी ने कुछ स्थानों से गलत टैग हटा दिए हैं, लेकिन कई जगह वे अभी भी लगे हुए हैं। आरएफआईडी टैग लगाने का कार्य अभी जारी है और इसे पूरा होने में करीब एक माह का समय और लगेगा। तब तक एजेंसियों को पूरा भुगतान किया जाएगा।
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