फतेहाबाद। फतेहाबाद के गांव दौलतपुर में करीब 10 एकड़ में एकत्र की करीब एक हजार एकड़ की पराली की गांठों के स्टॉक में वीरवार को भीषण आग लग गई। आग बुझाने के लिए प्रशासन को फतेहाबाद के अलावा हिसार-सिरसा जिले की भी दमकल गाड़ियां बुलानी पड़ीं। आग को बुझाने में करीब सात घंटे तक 20 गाड़ियां जुटी रहीं, लेकिन देर रात तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आग लगने का कारण हाई वोल्टेज तारें बताई जा रही हैं। ठेकेदार गांव दौलतपुर में पराली एकत्र केंद्र बनाकर पराली की गांठें इकट्ठा कर रहा था और यहां से भूना और पेहोवा भेजी जानी थी। इसके अलावा नखाटिया में पराली की गांठों से भरे ट्रक में आग लग गई। आग लगने के बाद आसमान में धुएं का गुबार छा गया। दिनभर जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार रहा, वहीं देर रात तक धुआं और नमी मिलने के कारण बने स्मॉग के चलते लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
गांव दौलतपुर में बनाए गए पराली एकत्र केंद्र पर वीरवार दोपहर करीब ढाई बजे आग लगी। यहां पर 10 एकत्र में पराली इकट्ठी की जा रही थी। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक वीरवार दोपहर को पराली से भरी ट्रॉली यहां पर आई और वह बिजली की तारों से छू गई, शार्ट सर्किट के कारण पराली में आग लग गई और देखते ही देखते पूरे केंद्र में आग फैल गई। आग बुझाने के लिए फतेहाबाद, सिरसा और हिसार जिले की गाड़ियों को बुलाया गया। शाम सात बजे तक दमकल कर्मी आग बुझाने में जुटे रहे। बताया जा रहा है कि सनियाना निवासी रवि यहां पर पराली इकट्ठा कर रहा था। करीब 25 गांवों की करीब एक हजार एकड़ की पराली यहां पर इकट्ठा की जा चुकी थी।
दूसरी घटना दोपहर करीब 1 बजे गांव नखाटिया में हुई। गांव नखाटिया के खेतों से वीरवार दोपहर को पराली की गांठें उठाने आए ट्रक में गांव की फिरनी के पास से गुजर रही बिजली की हाई वोल्टेज तारों से आग लग गई। ट्रक में पराली में आग लगते देख लोगों ने चालक को इस बारे में बताया। चालक सूझबूझ दिखाते हुए ट्रक को खाली खेतों की ओर ले गया और नीचे कूद कर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते पूरे ट्रक में आग लग गई। लोगों ने अपने स्तर पर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग बहुत तेज थी। सूचना पाकर फतेहाबाद से दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक ट्रक पूरी तरह से जल चुका था। बताया जा रहा है कि गांव नखाटिया के सरपंच प्रतिनिधि निर्मल सिंह ने खेत में धान कटाई के बाद बची पराली की गांठों को उठाने के लिए एक ट्रक को बुलाया गया था। ट्रक चालक बहबलपुर निवासी टोनी ट्रक को लोड कर जब चलने लगा तो गांव की फिरनी पर ऊपर से गुजर रही तारें ट्रक को छू गईं और चिंगारियां ट्रक में पड़ी गांठों पर पड़ी तो भीषण आग लग गई।
30 मिनट तक गाड़ियों को पानी के लिए करना पड़ इंतजार
फतेहाबाद दमकल से पांच गाड़ियां गांव दौलतपुर में आग बुझाने के लिए पहुंची, लेकिन काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद रतिया, टोहाना, भट्टू और सिरसा व हिसार से भी दमकल गाडिय़ां बुलाई गई। करीब 20 गाड़ियां आग बुझाने में जुटी रही। इस दौरान दमकल कर्मियों को पानी के लिए 30-30 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। पानी भरने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के पास ही पाइप है। यहां पर गाड़ियों की लाइन लगी रही।
दौलतपुर में पराली एकत्र केंद्र बनाया है। यहां से हाई वोल्टेज की तारें गुजर रही हैं। ट्राली जब तारों के नीचे से निकल रही थी तो बिजली की तारों को छू गई और आग लग गई। यहां पर 25 गांवों की पराली इकट्ठा की जा रही थी। यहां से पराली विद्युत भवन भूना जानी थी। आग बुझाने के लिए हिसार और सिरसा से भी दमकल गाड़ियां बुलाई गई हैं।
- नवीन कुमार, फील्ड ऑफिसर, कृषि विभाग
आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है। आग लगने की घटना के बाद दमकल गाड़ियां बुझाने में लगी हुई हैं, काफी हद तक आग पर काबू पा लिया गया है। आग लगने के कारणों का पता लगाया जाएगा।
- राजेश कुमार, एसडीएम
गांव दौलतपुर में पराली में लगी आग को बुझाते हुए दमकलकर्मी। संवाद- फोटो : Fatehabad