ब शिकायत के आधार पर अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। जांच अधिकारी विकास ने इसकी पुष्टि की।
पुलिस को दी शिकायत में डॉ. अग्रवाल ने बताया कि रोहित यादव को वर्ष 2022 में अस्पताल में आयुष्मान मित्र नियुक्त किया गया था। उसके जिम्मे आयुष्मान से जुड़े रिकॉर्ड का लेखा-जोखा और कंप्यूटरीकृत रखरखाव था। जनवरी 2026 में उसने अस्पताल से इस्तीफा दे दिया।
डॉ. अग्रवाल के अनुसार, फरवरी में रोहित ने आयुष्मान पोर्टल पर शिकायत की। शिकायत वापस लेने के लिए उन्होंने उसे तीन लाख रुपये दिए। इसके बाद एक शिकायत वापस ले ली गई जबकि दूसरी को लेकर फिर रकम मांगी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में 2.70 लाख रुपये और देने पड़े। इसके बाद दूसरी शिकायत वापस ले ली गई।
डॉ. अग्रवाल का आरोप है कि रोहित ने बाद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में भी शिकायत कर दी। उन्होंने दावा किया कि पुरानी शिकायतों को अलग-अलग तरीके से पेश कर बार-बार शिकायतें की जा रही हैं जिससे अस्पताल और उनकी छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने रिकॉर्ड नष्ट करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।