फतेहाबाद। सांसद डा. अशोक तंवर और सीपीएस प्रहलाद सिंह को जनसंपर्क के पहले ही दिन शुक्रवार को फतेहाबाद हलके के गांव बीसला में ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीण इस बात से नाराज थे कि साढ़े तीन वर्ष बीत जाने के बाद सांसद ने पहली बार उनके गांव का दौरा किया है। ग्रामीण यह भी सवाल उठा रहे थे कि साढ़े तीन साल का कार्यकाल खत्म होने के बाद अब जिन विकास परियोजनाओं की सांसद महोदय घोषणा करेंगे, वह कब शुरू होंगे और कब पूरे होंगे।
सांसद तंवर और सीपीएस प्रह्लाद सिंह के दौरे की खबर मिलने के बाद शुक्रवार को ग्रामीण सुबह सवेरे आंगनवाड़ी में जमा हुए और ग्राम जनसभा आयोजित कर सर्वसम्मति से सांसद के दौरे के बहिष्कार का निर्णय लिया गया। इस मौके पर ग्रामीण धर्मबीर, राजेंद्र, सीताराम, जय सिंह, सतपाल भी मौजूद थे। ग्रामीणों का कहना था कि साढ़े तीन वर्ष बाद सांसद आज उनकी समस्याएं पूछने आए हैं तो यह समस्याएं हल कब तक कराएंगे। ग्रामीणों का आरोप था उन्होंने सांसद के चुने जाने के बाद अशोक तंवर को गांव की समस्याओं के बारे ज्ञापन दिया था, मगर किसी ने परवाह नहीं की।
शुक्रवार को जैसे ही अशोक तंवर और प्रह्लाद सिंह गांव पहुंचे, ग्रामीणों ने इन नेताओं को सुनने से इंकार कर दिया। ग्रामीणों के रवैए से खफा सांसद अशोक तंवर भी गाड़ी में जाकर बैठ गए लेकिन सीपीएस प्रहलाद सिंह ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर सांसद से बात करवाई। उसके बाद ग्रामीणों ने दोनाें नेताआें की बात सुनीं। सांसद ने गांव के विकास के लिए अनुदान राशि देने की घोषणा भी की। इसके बाद सांसद ने ग्रामीणाें को बताया कि बीसला में 33 केवी सब-स्टेशन पास हो चुका है। उन्होंने गांव में गन्दे पानी की निकासी के लिए प्रस्ताव तैयार करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। इस मौके पर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष टेकचंद मिढा, कृष्णा पूनिया भी उनके साथ थे।