फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: सीवर लाइनों की सफाई के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़, सड़कों पर नहीं फैलेगा गंदा पानी

Tue, 05 Aug 2025 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
विज्ञापन
जनस्वास्थ्य विभाग के स्टोर में रखे पाइप।
विज्ञापन
हिसार। शहरवासियों के लिए जी का जंजाल बनीं सीवर लाइनों की सफाई के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने 7.5 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया है। इसे राज्य स्तरीय तकनीकी कमेटी (एसएलटीसी) की मंजूरी मिलने के बाद टेंडर लगाने का कार्य किया जाएगा। अभी एसएलटीसी की बैठक की तिथि निर्धारित नहीं की गई है।
विज्ञापन

जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से पिछले दिनों 23 किलोमीटर लंबी मेन लाइनों की सुपर सकर मशीन से सफाई करवाई गई थी। इस कार्य पर करीब 2.74 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके बाद विभाग ने बाकी बची लाइनों की सफाई के लिए करीब 10 करोड़ का एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भिजवाया, लेकिन अधिकारियों ने इस पर कैंची चलाते हुए घटाकर 7.5 करोड़ रुपये का कर दिया।
90 किलोमीटर लंबी लाइन की होगी सफाई
साढे़ 7 करोड़ से शहर की 14 से 24 इंच की करीब 90 किलोमीटर लंबी सीवर लाइनों की सुपर सकर मशीन से सफाई करवाई जाएगी। इससे छोटी लाइनों की सुपर सकर मशीन से सफाई नहीं हो सकती। इस योजना के पूरा होने से शहर की सीवर व्यवस्था काफी हद तक दुरुस्त हो जाएगी।
विज्ञापन

अमृत टू के दो टेंडर की वित्तीय बोली की जांच
जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से अमृत टू के तहत सीवर कार्यों के लिए लगाए गए दो टेंडर की वित्तीय जांच की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब जल्द ही टेंडर अलॉट करने का काम शुरू करवाया जाएगा। एक टेंडर 19.22 करोड़ रुपये का है। इसके अंतर्गत कैमरी रोड पर 33 फुटा रोड से 4 एमएलडी एसटीपी तक और राजगढ़ रोड पर सेंट्रल जेल से पंपिंग स्टेशन गंगवा तक बनी ईंटों की सीवर लाइन की मजबूतीकरण का काम किया जाएगा। इसके अलावा दूसरा टेंडर 13.30 करोड़ रुपये का है। इसमें आईजी चौक से कोर्ट गेट तक ईंटों की बनी सीवर लाइन की मरम्मत का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा एक टेंडर 14.51 करोड़ रुपये का है, जिसमें जहाजपुल चौक से सिविल अस्पताल तक सीवर लाइन की मजबूतीकरण का कार्य किया जाएगा।
पहली बार एमडब्ल्यूएल तकनीक का होगा इस्तेमाल
मशीन वाउंड स्पाइरल लाइनिंग (एमडब्ल्यूएल) तकनीक से सीवर लाइनों की मजबूतीकरण का कार्य किया जाएगा। दावा है कि हरियाणा में अब तक कहीं भी इस तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया गया है। सिर्फ महानगरों में ही इस तकनीक के जरिये सीवर लाइनों की मजबूतीकरण का काम किया गया है। मशीन वाउंड स्पाइरल लाइनिंग ऐसी तकनीक है, जिसका उपयोग मौजूदा पाइपलाइनों के पुनर्वास के लिए किया जाता है।
सीवर लाइनों की सफाई के लिए एस्टीमेट तैयार कर लिया है। वहीं, दो अन्य टेंडर की वित्तीय बोली की जांच हो चुकी है। अब टेक्नीकल अलॉटमेंट कमेटी आवंटन करेगी। इसके बाद एजेंसी काम शुरू कर देगी।
विज्ञापन

- बलकार सिंह रेड्ढू, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें