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प्रदेश भर की 49 बार में 35 हजार वकील रहेंगे हड़ताल पर

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संत रामपाल की जमानत रद करवाने की मांग पर अड़े वकीलों का मामला जोर पकड़ने लगा है। चौथे दिन भी वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखा। जिला बार एसोसिएशन हिसार ने प्रदेश भर की सभी बार एसोसिएशन की 18 व 19 जुलाई को हड़ताल की घोषणा की है। अदालतों का अगले दो दिन तक काम-काज ठप रहने की संभावना है।
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बार एसोसिएशन हड़ताल को लेकर प्रदेश भर की अलग-अलग जिला बार एसोसिएशन से संपर्क करने में जुटी हुई है। हड़ताल को लेकर कई जिला बार एसोसिएशन ने तो उन्हें पूर्ण रूप से समर्थन भी दिया है।

जिला बार एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र ढुल व सचिव अमित सैनी ने बताया कि बृहस्पतिवार को भी वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखा। जब तक संत रामपाल की जमानत रद नहीं होती, हड़ताल रहेगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रदेश भर की बार एसोसिएशन से हड़ताल के लिए समर्थन मांगा गया है। हर हाल में 18 व 19 जुलाई को 49 बार में पूर्ण रूप से हड़ताल रहेगी, जिसमें करीब 35 हजार वकील वर्क सस्पेंड पर रहेंगे।
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जिला बार एसोसिएशन के सचिव अमित सैनी ने बताया कि उन्होंने संत रामपाल की जमानत रद करने व पेशी के दौरान हिसार आए संत के अनुयायियों द्वारा की गई बदतमीजी के पूरे मामले का ब्यौरा चीफ सेक्रेटरी, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट, प्रशासनिक जज, गवर्नर को भेजा है।

बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि बार की तरफ से तीन वकीलों को 2-2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। तीन वकील, जिनमें से दो कोर्ट रूम में और एक का वकालतनामा लगा हुआ था।

जिला बार एसोसिएशन की दो दिन की हड़ताल की घोषणा पर आमजन के तीन दिन अदालती कामकाज नहीं हो पाएंगे। आम लोगाें को इससे परेशानी होगी। 18 व 19 को बार ने प्रदेश भर के सभी न्यायालयों में कामकाज ठप रहने की घोषणा कर दी और इससे अगले ही दिन रविवार है। रविवार को कोर्ट की वैसे ही छुट्टी रहेगी।

14 जुलाई को करौंथा के संत रामपाल हिसार कोर्ट नंबर एक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रोहतक कोर्ट की पेशी भुगताने आए थे। संत के अनुयायियों ने शहर को कई घंटे तक कब्जे में रखा। यहां तक कि न्यायालय में भी किसी को नहीं घुसने दिया।

उन्होंने वकीलों के साथ बदतमीजी की और उन्हें भी कोर्ट में जाने से रोका। जिसके कारण वकीलों में रोष फैल गया और बार एसोसिएशन ने उसी समय वर्क सस्पेंड कर अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी। उन्होंने मांग की कि संत की जमानत रद हो।
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