हिसार। जिले के 377 सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब निजी स्कूलों में जाकर पढ़ाई, खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे विषय में खुद का आकलन करेंगे। साथ ही निजी स्कूल द्वारा इन विषयों में अपनाए गए पैटर्न को समझकर अपने आदत में शुमार करेंगे। यह योजना छठी से 8वीं कक्षा और नौंवी से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई है।
जिले स्तर पर डिस्ट्रिक्ट लेवल कोर नाम से कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्यवक व सहायक परियोजना समन्यवक शामिल होंगे। यह चार सदस्यीय कमेटी तय करेगी कि कौन सा सरकारी स्कूल, कौन से निजी स्कूलों में जाएंगे। इसके लिए समग्र शिक्षा ने संबंधित स्कूल प्राचार्यों से लिस्ट मांगी है, जिसमें उन्हें अपने पास के निजी स्कूलों के नाम की रिपोर्ट बनाकर जिला मुख्यालय को भेजनी होगी।
कुल 7.72 लाख रुपये का बजट किया जारी
शिक्षा निदेशालय की ओर से मिडिल और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के लिए कुल 7.72 लाख रुपये का बजट जारी किया है। जिसमें छठी से 8वीं कक्षा तक के 101 स्कूलों को 2.2 लाख रुपये और 9वीं से 12वीं कक्षा तक के 276 स्कूलों को 5.52 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है।
ये होगा शेड्यूल
फेस टू फेस : इसमें सरकारी स्कूल के विद्यार्थी, निजी स्कूलों में जाकर वहां से विद्यार्थियों से मिलेंगे। जिसमें वे एक-दूसरे से परिचय, खुद का सकारात्मक व नकारात्मक पहलू के बारे में संवाद करेंगे। जोकि एक घंटा का कार्यक्रम होगा।
खेल : इसमें विद्यार्थी शतरंज, खोखो, रिले रेस, मेढ़क दौड़, आलू-चम्मच रेस, पीछे की ओर दौड़ना, धीमी गति की दौड़ सहित अन्य प्रतियोगिता शामिल होगी। यह भी एक घंटे का कार्यक्रम होगा।
सांस्कृतिक प्रतियोगिता : इसमें विद्यार्थी कविता, मेहंदी, रंगोली, क्राप्ट वर्क, अंताक्षरी, हरियाणवी समूह गान व नृत्य आदि गतिविधियां शामिल होगी। यह भी एक घंटे का कार्यक्रम होगा।
पुस्तकालय विजिट : 30 मिनट तक सरकारी स्कूल के विद्यार्थी, निजी स्कूलों में जाकर उनके पुस्तकालय के शेड्यूल को समझेंगे।
लैब विजिट : 30 मिनट तक विद्यार्थी, निजी स्कूलों की लैब में जाकर उनके कार्यप्रणाली को समझेंगे।
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के पास मौका होगा कि वे निजी स्कूलों में जाकर कुछ नया सीखेंगे। स्कूलों को बजट जारी कर दिया है। जल्दी ही कार्यक्रम की शुरुआत कर दी जाएगी। - सुरेंद्र कैरो, सहायक परियोजना समन्यवक, समग्र शिक्षा, हिसार
चाहे सरकारी हो या फिर निजी स्कूल के विद्यार्थी, दोनों को अपना आंकलन करने का मौका मिलेगा। ताकि पता रहें कि वहां पढ़ाई हो या फिर खेल। उसका स्तर कहां है। - ज्ञानसिंह, जिला परियोजना समन्यवक, समग्र शिक्षा, हिसार