हिसार। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ओरल सर्जन, नेत्र रोग विभाग एवं ईएनटी विभाग ने मिलकर शुक्रवार को दो जबड़ों सहित कुल 9 ऑपरेशन किए। ऑपरेशन के समय चिकित्सकों को एक मरीज का जबड़ा और एक की आंख निकालनी पड़ी। दूसरे मरीज के जबड़े की सफाई की गई। दोनों मरीजों की आंख व जबड़े में फंगस के कारण गलन शुरू हो गई थी, जिस कारण यह निकालना बेहतर समझा। हालांकि, दोनों मरीजों के पहले माइनर ऑपरेशन किए गए थे। इसके बावजूद भी फंगस नहीं रुकी। इसके अलावा ईएनटी विभाग ने दो मरीजों के नाक और चार की आंखों में माइनर ऑपरेशन कर इंजेक्शन लगाए गए है, ताकि फंगस आगे ना फैंले।
शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस के 6 नए मरीज पहुंचे। इनमें चार मरीज हिसार जिले के रहने वाले है और दो सिरसा व पंजाब के मानसा का निवासी है। इन्हें मिलाकर ब्लैक फंगस के कुल 273 मामले सामने आ चुके हैं। अभी म्यूकरमाइकोसिस वार्ड में कुल 74 मरीज उपचाराधीन है। इसके अलावा दो मरीजों की ब्लैक फंगस के कारण मौत हो गई। मरने वालों में एक मरीज जिला निवासी व दूसरा चुरू का रहने वाला था। अब तक ब्लैक फंगस के कारण 68 मरीजों की मौत हो चुकी है।
शुक्रवार को छह मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। इन मरीजों के पहले ऑपरेशन किए जा चुके है। इनमें दो मरीज जिले के है। ऑपरेशन के बाद इन मरीजों में फंगस लगभग खत्म हो चुकी है। इसलिए घर भेज दिया गया।
नहीं पहुंचे इंजेक्शन
मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को सरकार की ओर से आने वाले लाइपोसोनल के इंजेक्शन नहीं पहुंचे। इस एवज में मरीजों को नई दवा वाले इंजेक्शन दिए गए। शुक्रवार को सरकार की ओर से इंजेक्शन आने थे, लेकिन नहीं आए। इससे पहले वीरवार को 152 इंजेक्शन आए थे।
दो बडे़ ऑपरेशन किए गए है: डॉ. नजीर
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. नजीर अहमद पंडित ने बताया कि शुक्रवार को हमारे चिकित्सकों ने कुल 9 ऑपरेशन किए है। इनमें दो ऑपरेशन बड़े थे। शुक्रवार को छह मरीजों को छुट्टी देकर घर भेजा गया है और छह नए मरीज दाखिल किए है। दो मरीजों ने ब्लैक फंगस के कारण दम तोड़ दिया।