राजगढ़ रोड के गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज की छात्रा प्रियंका अपनी बीए कंपलीट मानकर डिग्री का इंतजार कर रही थी। वह बीए फर्स्ट ईयर के सेकंड सेमेस्टर में फेल हो गई थी। उसने तीन साल पहले दोबारा पेपर दिया था। उसे केयूके की साइट पर पास दिखाया जा रहा था। उसने पिछले महीने बीए के आधार पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में स्टेनो के पद के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। तब साइट पर उसे पास दिखाया था। अब मार्कशीट मिली तो वह फेल मिली। उसने कोर्ट में केस डाला है।
कैमरी रोड के लक्ष्मी विहार कॉलोनी की प्रियंका ने बताया कि उसने 2012 में गवर्नमेंट कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर में एडमिशन लिया था। उसने 2013 में पेपर दिए थे। वह सेकंड सेमेस्टर के अंग्रेजी के पेपर में फेल हो गई थी। उसने दोबारा अंग्रेजी का पेपर दिया था और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र की साइट पर उसे पास दिखाया जा रहा था। उसके बाद वह कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर की डीएमसी लेने जाती तो उसे एक ही जवाब मिलता कि अभी केयूके से नहीं आई है। उसके बाद उसने केयूके के तीन-चार चक्कर काटे। स्टाफ सदस्य कहते थे कि आपकी डीएमसी कॉलेज में भेज देंगे। छात्रा ने कहा कि उसने बीए के आधार पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में स्टेनोग्राफर पद के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। तब साइट पर उसे बीए फर्स्ट ईयर के सेकंड सेमेस्टर में पास दिखाया गया था। उसने स्टेनोग्राफर पद के लिए छह अगस्त को चंडीगढ़ में पेपर दिया था।
केयूके की गलती से कॅरिअर चौपट : प्रियंका
प्रियंका ने बताया कि वह बाद में गवर्नमेंट कॉलेज गई तो उसे लिखित तौर पर बताया गया कि केयूके से तुम्हारी डीएमसी नहीं आई है। वह पिछले महीने 16 तारीख को फिर कॉलेज गई तो उसे बीए फर्स्ट ईयर की मार्कशीट दी गई। वह उसे देखकर दंग रह गई। उसे फेल दिखाया गया है। केयूके ने उसे इंटरनेट पर पास और मार्कशीट में फेल दिखाया है। इससे उसका कॅरिअर खराब हो गया है।
केस दर्ज कराने के लिए 10 जगह शिकायत
छात्रा के पिता कृष्ण कुमार सैन का कहना है कि उन्होंने इस बारे में केयूके के खिलाफ कोर्ट में एक सिविल सूट डाला है, जिस पर 28 सितंबर को सुनवाई होगी। इसके अलावा केयूके के वीसी, रजिस्ट्रार, रिजल्ट ब्रांच और अन्य के खिलाफ फौजदारी केस दर्ज कराने के लिए लिखित शिकायतें भेजी हैं। उन्होंने हरियाणा सरकार, सीएम विंडो, डीजीपी, एसपी, लोकायुक्त, शिक्षा मंत्री हरियाणा, राष्ट्रीय महिला आयोग, राज्यपाल, सीबीआई और क्राइम ब्रांच को लिखित में शिकायतें भेजी हैं।