अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
रास्ता रोककर खाई खोदने के मामले में प्रशासन दोनों पक्षों में सुलह नहीं करवाया पाया। दोनों पक्षों को देर शाम लघु सचिवालय बुलाए जाने के दौरान मामला बिगड़ गया।
प्रशासन ने दोनों पक्षों की बात सुनने के लिए गांव भगाना के लोगों को रविवार को लघु सचिवालय में बुलाया था। वहां सुलह होने की बजाय दोनों पक्षों में गर्मागर्मी हो गई और वार्ता टूट गई। शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष से जान का खतरा बताते हुए गांव में हालात तनावपूर्ण होने की बात कही।
भगाना गांव के प्रदीप कुुमार ने बताया कि प्रशासन ने दोनों पक्षों के पांच-पांच लोगों को बातचीत के लिए सचिवालय में बुलाया था। उनके पक्ष के पांच-सात लोग पहुंचे, जबकि दबंग समुदाय के 60-70 लोग पहुंच गए। वहां पर एसडीएम अशोक बंसल और दूसरे अधिकारियों के सामने दोनों पक्षों के लोग बात करते हुए आपस में उलझ गए। शिकायतकर्ता पक्ष के प्रदीप का कहना था कि दूसरे समुदाय के लोगों ने उनसे कहा कि गाम मैं आ ज्याओ, ओड़ै समारा गे थाम नै। प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी को यह बात बताई तो उन्होंने उनको सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन दिया गया। वार्ता टूटने के बाद दोनों पक्षों के लोग सचिवालय से रवाना हो गए।
जिप्सी में गांव पहुंची पुलिस
लघु सचिवालय से वार्ता टूटने के बाद दोनों पक्षों के लोग गांव में पहुंच गए थे। यहां शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों ने एसडीएम से शिकायत की थी। वे गांव में पहुंचे तो पुलिस कर्मचारी एक जिप्सी में गांव में पहुंच गए और दोनों पक्षों के लोगों से बात कर शांति बनाए रखने की अपील की थी।
यह है नया विवाद
भगाना गांव में दो दिन पहले पंचायत की तरफ से खेल ग्राउंड में तारबंदी का काम कराया जा रहा था। गांव का महाबीर वहां ट्रैक्टर चला रहा था। आरोप है कि चार-पांच महिलाओं ने रास्ता रोककर उससे गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी थी। महिलाओं ने मिलकर बीच रास्ते में खाई खोद दी और उस पर झाड़ियां डाल दीं। यह मामला तूल पकड़ गया था। दूसरे पक्ष ने छेड़छाड़ का आरोप भी लगाया था। हालांकि बाद में जब पुलिस पहुंची तो मामला कुछ और निकला। देर शाम को एसडीएम अशोक बंसल सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामला शांत करवाया था।
भगाना में दो पक्षों में रास्ते को लेकर कोई मतभेद हुआ है। मामला प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचा है। गांव पर हमारी नजर है। अभी कोई केस दर्ज नहीं किया है।
-देवेंद्र सिंह नैन, एसएचओ सदर थाना