हिसार। इकोनॉमिक वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) सर्टिफिकेट बनवाने वाले किरायेदारों से दो हजार रुपये के रेंट एग्रीमेंट मांगने के मामले में नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर भीम महाजन शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलेंगे। महाजन का आरोप है कि अधिकारी अपनी मनमर्जी चलाते हुए दो हजार रुपये का एग्रीमेंट मांग रहे हैं, जबकि प्रदेश सरकार का ऐसा कोई आदेश नहीं है। इसीलिए ऐसे फरमानों से सरकार को बदनाम करने की साजिश करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मुख्यमंत्री से मांग की जाएगी। इससे पहले उन्होंने इस मामले को लेकर नायब तहसीलदार ललित जाखड़ से भी मुलाकात की।
20 रुपये के स्टांप पेपर पर भी दे सकते हैं एग्रीमेंट
पूर्व डिप्टी मेयर भीम महाजन ने बताया कि प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया हुआ है। जिन परिवारों की छह लाख रुपये तक की वार्षिक आय है, उनके ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट बन रहे हैं। यह सर्टिफिकेट नगर निगम से वेरिफाई होने के बाद तहसीलदार की ओर से प्रदान किया जाता है। मगर हिसार में रहने वाले किरायेदारों से दो हजार रुपये का रेंट एग्रीमेंट मांगा जा रहा है। ऐसा रूल सिर्फ हिसार के अधिकारियों ने बनाया हुआ है, जबकि अन्य शहरों में ऐसा कोई नियम नहीं है। किरायेदार चाहे तो वह 20 रुपये के स्टांप पेपर पर भी एग्रीमेंट दे सकता है।
हजारों किरायेदार हो रहे परेशान
भीम महाजन ने बताया कि ऐसे हजारों परिवार है, जो अपनी जॉब या रोजगार के लिए शहर में किराये पर रहते हैं। उनकी आय 6 लाख रुपये से बेहद कम हैं। ऐसे परिवार अपने ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट बनवाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। दो हजार रुपये का एग्रीमेंट नहीं देने पर उनके आवेदन रद्द कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय हजारों की संख्या में सरकारी नौकरियां निकली हुई है। वहीं स्कूलों, कॉलेजों में दाखिले भी चल रहे हैं। ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में आवेदन करने के लिए लोगों को इस सर्टिफिकेट की बेहद जरूरत है। महाजन ने बताया कि शनिवार को रोहतक में वह मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने यह मामला उठाकर उन्हें यथा स्थिति से अवगत करवाएंगे, ताकि लोगों को राहत मिल सके।