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हिसार डिपो की ओर से बरवाला-उकलाना रूटों पर भेजी फ्लाइंग की तीन टीमें

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हिसार। हरियाणा रोडवेज की बसों में बिना पास के फ्री यात्रा करने के शौकीन विद्यार्थियों और अन्य सरकारी व गैर सरकारी कर्मचारियों द्वारा बनाए गए ग्रुपों के बारे में अमर उजाला द्वारा प्रकाशित की गई खबर का असर देखने को मिला। एक ओर जहां हिसार डिपो अधिकारियों द्वारा स्पेशल फ्लाइंग स्टाफ बनाकर बरवाला-उकलाना रूटों पर फ्लाइंग की तीन टीमें चेकिंग के लिए भेजी गई, वहीं टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुपों में भी खबर को लेकर हलचल दिखाई दी। प्रकाशित खबर की कटिंग काटकर इन ग्रुपों में शेयर की गई और सावधान रहने की हिदायतें भी जारी की गई। इसके अलावा कुछ लोग पकड़े जाने के डर से ग्रुप छोड़कर भी जाने लगे हैं।
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गौरतलब है कि अमर उजाला ने सोमवार को माई सिटी अंक में ‘हिसार टू नरवाना और ऑल इंडिया फ्री जैसे ग्रुप बना कर रहे मुफ्तखोरी’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें बताया गया था कि किस प्रकार छह टेलीग्राम ग्रुप के 2264 और दो व्हाट्सएप ग्रुप के 45 सदस्य मुफ्त यात्रा कर रोडवेज को चूना लगा रहे हैं। ये ग्रुप रोडवेज की फ्लाइंग की गतिविधियों की जानकारी एक-दूसरे से शेयर करते हैं। इनके पास फ्लाइंग की गाड़ी की रोडवेज डिपो से निकलने से लेकर हर मूवमेंट की खबर होती है और उस गाड़ी की फोटो सहित इसे अपने ग्रुपों पर शेयर करते हैं।
गोपनीय तरीके से ग्रुपों की रेकी शुरू
हिसार जिले में रोडवेज के पास फ्लाइंग की दो टीमें हैं। एक टीम हिसार डिपो में और दूसरी टीम हांसी सब डिपो में है। हांसी सब डिपो वाली टीम के पास स्टाफ का भी टोटा है, जिस कारण फ्लाइंग टीम में केवल चार ही सदस्य हैं, जबकि हिसार फ्लाइंग टीम के पास आठ सदस्य हैं, लेकिन सोमवार को खबर प्रकाशित होने के बाद रोडवेज अधिकारी भी सकते में आ गए। एक टीम का गठन कर गोपनीय तरीके से ग्रुपों की रेकी शुरू कर दी गई है। डिपो की ओर से इमरजेंसी फ्लाइंग टीम गठित की गई और बरवाला-उकलाना मार्ग पर तीन टीमों को चेकिंग के लिए भेजा गया। इसी रूट पर छात्रों का अधिक आना-जाना होता है और ग्रुप में भी इसी रूट पर अधिक गतिविधि होती है।
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एक ग्रुप में 874 सदस्य थे, एक ही दिन में 31 छोड़ गए
सभी टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप में सोमवार को अमर उजाला की प्रकाशित खबर की कटिंग चलती रही और चर्चा का विषय रही। ग्रुपों में इस बात पर भी हैरानी जताई जा रही थी कि पत्रकार को ग्रुप में किसने शामिल किया है। इसके अलावा ग्रुपों में पकड़े जाने के डर से सदस्यों के छोड़ कर जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। हिसार सुरक्षा दल के कल 874 थे, जिसमें सोमवार को 843 सदस्य रह गए। इसी प्रकार अन्य ग्रुपों में भी 2 से 8 सदस्य छोड़ चुके हैं।

ग्रुपों के लिंक भी किए गए डिलीट
इसके अलावा इन ग्रुपों को जिस लिंक से ज्वाइन किया जाता है, ग्रुप एडमिनों ने उस लिंक को ही डिलीट कर दिया है, ताकि मामला जल्दी से पकड़ में न आ सके। इसी बीच एक नया टेलीग्राम ग्रुप भी सामने आया, जिसका नाम डिजिटल इंडिया है और इसमें 74 सदस्य जुड़े हुए हैं।

यह बेहद गंभीर विषय है। इन ग्रुपों को संचालित कर रोडवेज को चूना लगाने वाले लोगों की जड़ों तक जाकर जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करवाएंगे। हमारे फ्लाइंग दस्ते सक्रिय कर दिए गए हैं।
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- विकास यादव, महाप्रबंधक, हिसार डिपो
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