सामान्य दिनों की बात करें तो सुबह साढ़े 7 बजे से दोपहर पौने एक बजे तक कक्षा छठी से 12वीं तक की कक्षाएं और दोपहर 1 बजे से शाम सवा 5 बजे तक पहली से 5वीं तक की कक्षाएं लगती थी। मॉडल टाउन स्थित सरकारी स्कूल में इस साल विद्यार्थियों के हिसाब से अतिरिक्त 20 कमरों की ओर जरूरत है।
वर्ष 1957 में मॉडल टाउन के सरकारी स्कूल को बनाया गया था। पहले यह स्कूल प्राइमरी तक था। इसके बाद शहर के बीचों-बीच होने के कारण इस स्कूल को अपग्रेड कर मिडिल और फिर हाई स्कूल में तब्दील किया गया।
वर्ष 2017 में इसे अपग्रेड कर सीनियर सेकेंडरी स्कूल बना दिया। 2018 में मॉडल टाउन स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डबल शिफ्टिंग से शुरू हो गया। सुबह छठी कक्षा से 12वीं तक की कक्षाएं व शाम के समय पहली से 5वीं तक की कक्षाएं लगनी शुरू हो गई।
कक्षा वार विद्यार्थियों की संख्या
- पहली कक्षा 54
- दूसरी कक्षा 71
- तीसरी कक्षा 65
- चौथी कक्षा 72
- पांचवी कक्षा 86
- छठी कक्षा 138
- सातवीं कक्षा 145
- आठवीं कक्षा 146
- नौंवी कक्षा 156
- दसवीं कक्षा 181
- ग्यारहवीं कक्षा 148
- बारहवीं कक्षा 130
- स्कूल में अतिरिक्त कमरें
- लैब 2 कमरे
- आईटी 1 कमरा
- पीसीए 1 कमरा
- कंप्यूटर लैब 1 कमरा
- लाईब्रेरी 1 कमरा
अब इस स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या काफी बढ़ चुकी है। जबकि कमरे सिर्फ 20 हैं। जिस कारण अब डबल शिफ्टिंग से भी राहत नहीं मिल रही है। प्राइमरी तक की कक्षाएं लगने पर विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कमरों के अभाव के कारण कई बार उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया है, लेकिन अभी तक समस्या का निदान नहीं हो पाया है। - कुलभूषण शर्मा, स्कूल मुखिया, मॉडल टाउन स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, हिसार