हिसार। जिले में मंगलवार-बुधवार को सावन की पहली तेज बारिश हुई। एक जून से शुरू होने वाले मानसूनी सीजन के दो महीनों में जितनी बारिश हुई, उससे अधिक 48 घंटों में हुई। 1 जून से 26 जुलाई तक जिले में 95.6 एमएम बारिश हुई जबकि 27 और 28 जुलाई को 104.4 एमएम पानी बरसा।
जिले में मंगलवार देर रात से रिमझिम बारिश शुरू हो गई थी, जो रुक-रुक कर बुधवार शाम तक जारी रही। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार हिसार में मंगलवार सुबह 8 बजे से बुधवार सुबह 8 बजे तक 75.4 एमएम बारिश दर्ज की गई। जबकि बुधवार सुबह 8 बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक 29.0 एमएम बारिश हुई। हालांकि, एचएयू कृषि मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 27 जुलाई दोपहर 2 बजे से 28 जुलाई दोपहर 2 बजे तक 46.2 मिलीमीटर बारिश हुई।
मानसून सीजन में अब तक 200 एमएम बारिश
एक जुलाई से 26 जुलाई तक जिले में 39.3 एमएम बारिश हुई थी। मंगलवार-बुधवार की 104.4 एमएम बारिश के बाद बारिश का आंकड़ा 143.7 एमएम पहुंच चुका है। जून माह में 56.3 एमएम बारिश हुई। इस प्रकार जून-जुलाई में अब तक 200.0 एमएम बारिश हो चुकी है। जिले में आमतौर पर मानसूनी सीजन (जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर) में औसत बारिश 325.1 एमएम बारिश होती है।
सभी फसलों को होगा फायदा
बारिश से सभी तरह की फसलों को फायदा हुआ है। इससे न केवल सिंचाई का खर्च बचेगा बल्कि बिरानी क्षेत्रों में यह बारिश फसलों की पानी की जरुरत को पूरा करेगी। वहीं, धान की फसल में इस बारिश के बाद पानी संचित हो गया है। इसके अलावा आगामी बारिश को देखते हुए, किसान कपास की फसल में पानी खड़ा न होने दें और निकासी के उचित प्रबंध रखें।
इस कारण सक्रिय हुआ मानसून
बंगाल की खाड़ी पर बने एक कम दबाब के क्षेत्र, उत्तर पाकिस्तान के साथ लगते पंजाब पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने और मानसून टर्फ सामान्य स्थिति में आने से प्रदेशभर में मानसून 27 जुलाई से पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। इससे प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है।
मौसम पूर्वानुमान : 31 जुलाई तक होगी बारिश
एचएयू के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खिचड़ के अनुसार, मौसमी सिस्टमों के बने रहने से मानसून की सक्रियता हरियाणा राज्य में 31 जुलाई तक बने रहने की संभावना है। इससे प्रदेश के ज्यादातर स्थानों पर हवाओं व गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ एक स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।