कैंसर ने पंजाब ही नहीं, हरियाणा में भी पैर पसार लिए हैं। हरियाणा में कैंसर के मरीजों की संख्या 60 हजार मानी जा रही है। इसी के मद्देनजर राज्य सरकार ने इसके मरीजों को इलाज के लिए बस यात्रा मुफ्त करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शुक्रवार को इस संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव नवराज संधू ने बताया कि प्रदेश में कैंसर के मरीजों की अनुमानित संख्या 55000 से 60000 के बीच है। कैंसर मरीजों को इलाज के लिए बस यात्रा मुफ्त का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास मंजूरी के लिए भेजा था। इससे सरकार पर पांच करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। हरियाणा में कैंसर के मरीजों की सही संख्या स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। कैंसर के संबंध में अधिसूचित भी नहीं किया हुआ है कि अगर किसी अस्पताल में इसका मरीज पहुंचता है तो उसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी जाए।
उन्होंने बताया कि कैंसर मरीजों का इलाज हरियाणा में सिर्फ पीजीआई रोहतक में होता है। वहां ओपीडी और आईपीडी में पहुंचने वाले मरीजों को ही स्वास्थ्य विभाग तथ्यात्मक आंकड़ा मानता है। हर साल रोहतक पीजीआई की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वर्ष 2007 में 14,000 मरीज पहुंचे थे जबकि 2008 में यह संख्या 34,000 हो गई थी। अगले साल यह संख्या और बढ़ गई। अब अनुमान है कि यह संख्या साठ हजार होगी।
सिविल सर्जन जारी करेगा कार्ड
स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यमंत्री के पास प्रस्ताव भेजा था कि मरीजों को इलाज के लिए रोहतक या चंडीगढ़ पीजीआई जाना पड़ता है। इसके अलावा जिला अस्पतालों में इलाज कराने जाना पड़ता है। इस कारण इनके लिए बस यात्रा मुफ्त कर दी जाए। मुख्यमंत्री ने इसे मंजूरी दे दी। हरियाणा रोडवेज यह राशि स्वास्थ्य विभाग से ले लेगा। मरीजों को संबंधित जिले के सिविल सर्जन कार्ड जारी करेंगे। इन कार्डों को दिखाकर बस यात्रा हो सकेगी। फिलहाल पंजाब की तरह अभी हरियाणा में सर्वेक्षण कराने का फैसला नहीं किया गया है।
कैंसर मरीजों को सुविधाएं
- मुफ्त बस यात्रा।
- कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर और मेवात जिलों में कैंसर के मरीजों को केंद्रीय योजना के तहत एक लाख रुपये।
- अब हर जिला अस्पताल में टेस्टिंग सेंटर खोले जाएंगे।
- पीजीआई रोहतक में होती है सर्जरी।