हरियाणा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री राजेश नागर ने कहा कि जिन्होंने भी अनियमितताएं की हैं उन मिल मालिकों से पूरी रकम वसूली जाएगी। भविष्य में भी किसी भी प्रकार की गड़बड़ियों को रोकने के लिए एक बड़ी योजना पर काम जारी है और योजना को आगामी सीजन के लिए लागू कराने की तैयारी चल रही है।
हरियाणा में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग धान खरीद घोटाले में शामिल चावल मिल मालिकों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। फिलहाल धान खरीद घोटाले में शामिल और जांच का सामना कर रहे चावल मिल मालिकों को हरियाणा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने रिकवरी के नोटिस जारी किए हैं। धान खरीद घोटाले में करीब 45 से 50 करोड़ रुपये की गड़बड़ी की गई है। मिल संचालक यदि रकम वापस नहीं करेंगे तो उनके प्रतिष्ठान भी सील किए जाएंगे।
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हरियाणा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग निदेशालय के अनुसार, प्रदेश की 11 चावल मिलों में करीब 25686 मीट्रिक टन कम धान मिला था। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशालय के आदेश पर हुई जांच में करनाल की 4 राइस मिलों में 4102 मीट्रिक टन धान कम मिला था। यमुनानगर की 6 राइस मिलों भी धान कम मिला था। इसी तरह अंबाला में एक मिल में धान कम मिलने की बात सामने आई थी। सभी मामलों में पुलिस भी जांच कर रही है। चंडीगढ़ स्थित महानिदेशालय से संबंधित मिल मालिकों को नोटिस भेजकर घोटाले की रकम का भुगतान करने के लिए कहा है।
बख्शे नहीं जाएंगे गड़बड़ी करने वाले : नागर
हरियाणा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री राजेश नागर ने कहा कि जिन्होंने भी अनियमितताएं की हैं उन मिल मालिकों से पूरी रकम वसूली जाएगी। भविष्य में भी किसी भी प्रकार की गड़बड़ियों को रोकने के लिए एक बड़ी योजना पर काम जारी है और योजना को आगामी सीजन के लिए लागू कराने की तैयारी चल रही है। इस गड़बड़ी में जो 69 मंडियों व दूसरे अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे उन्हें चार्जशीट से लेकर दूसरी कार्रवाई की गईं।