एनसीआर के हरियाणा में पड़ने वाले क्षेत्र में अब जल्द ही सीएलयू जारी हो सकेंगे। फिलहाल हाईकोर्ट के निर्देश पर सब रीनजल प्लान अधिसूचित होने तक चेंज आफ लैंड यूज (सीएलयू) जारी करने पर रोक लगी हुई है।
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने गत 25 अप्रैल को हुई बैठक की कार्रवाई हरियाणा सरकार को भेज दी है। इसमें जो टिप्पणियां हैं, उन्हें दूर करने के बाद प्रदेश सरकार को अपना रीजनल प्लान अधिसूचित करने के लिए हरी झंडी मिल गई है।
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में भी केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सचिव ने कुछ आपत्तियां दर्ज कराई थी। उसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी बोर्ड से कहा था कि बोर्ड की बैठक की कार्रवाई प्रधानमंत्री कार्यालय से पूछे बगैर जारी न की जाए।
मगर बोर्ड ने अपनी बैठक की कार्रवाई प्रदेश सरकार को भेज दी है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की आपत्तियों पर भी हरियाणा सरकार को आपत्ति है।
बैठक से पहले मंत्रालय ने 11 आपत्तियां लगाई थी जिनका जवाब हरियाणा सरकार ने मंत्रालय को भेज दिया था मगर 25 अप्रैल की बैठक से ठीक एक दिन पहले मंत्रालय ने 11 अन्य आपत्तियां लगा दी।
बैठक के ठीक दो दिन बाद वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सचिव ने तीन पेज की चिट्ठी हरियाणा सरकार को लिखी, जिसमें कहा गया कि जब तक आपत्तियों का निपटारा हो तब तक सब रीजनल प्लान अधिसूचित न किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना होनी चाहिए और शब्द कोश में वन की जो परिभाषा है, उसके अनुसार वन क्षेत्र अधिसूचित किया जाए। सब जिलों की जियो रेफरेंस मैपिंग किया जाए।
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की पुरानी 28 आपत्तियां भेजी हैं साथ में अपनी तीन-चार टिप्पणियां भेजी हैं। उन्हें हम दूर कर रहे हैं।
सब टिप्पणियों का निपटान एक आदेश के जारिए किया जाएगा। उसके बाद सब रीजनल प्लान अधिसूचित करेंगे। काफी जमीन के लेटर आफ इंटेंट (एलओआई) जारी हैं।
उन्होंने अपनी सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। केवल सब रीजनल प्लान अधिसूचित न होने से सीएलयू जारी नहीं हो सके हैं। अधिसूचित होने के बाद सीएलयू जारी हो सकेंगे।, अनुराग रस्तोगी, महानिदेशक, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग, हरियाणा