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Haryana: मनोहर के बाद नायब की कैबिनेट में भी कंवरपाल, जानिए पूरा राजनीतिक सफर

Tue, 12 Mar 2024 09:27 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)

सार

कंवरपाल वर्ष 2000 में पहली बार विधायक बने थे। उनके शपथ ग्रहण के बाद समर्थक घर लौटने का इंतजारकर रहे थे।
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मंत्री कंवरपाल गुर्जर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के नए मुख्यमंत्री नायब सैनी की कैबिनेट में जगाधरी से विधायक कंवरपाल को भी जगह मिली है। नायब सैनी के सीएम पद की शपथ लेने के बाद कंवरपाल शपथ लेने वाले पहले मंत्री थे। मनोहर लाल के बाद अब नायब सैनी की कैबिनेट में मंत्री पद दिए जाने से समर्थकों में खुशी की लहर है।

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दोपहर के समय जब मनोहर लाल ने पूरी कैबिनेट के साथ राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा था तो जिले में तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे थे। यहां तक की कंवरपाल को लोग सीएम पद का दावेदार मानने लगे थे। सोशल मीडिया पर कंवरपाल को भावी मुख्यमंत्री माने जाने को लेकर एक के बाद एक कई पोस्ट अपलोड होने लगी। वहीं नायब सैनी का नाम सीएम के लिए फाइनल होने के बाद कंवरपाल को प्रदेश का गृह मंत्री बनाए जाने की अटकलें लगाई जाने लगी।

हालांकि मंत्री कंवरपाल को कौन सा विभाग दिया जाएगा यह अभी फाइनल नहीं हुआ है। उन्हें मंत्री बनाए जाने से समर्थकों ने लड्डू बांट कर व एक दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। अब समर्थक उनका चंडीगढ़ से लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
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समर्थकों ने उनके स्वागत के लिए पूरी तैयारी कर रखी है। ढोल वाले और फूलों की मालाएं तैयार हैं। समर्थक जगाधरी में उनके आवास पर उनका जोरदार स्वागत करने को आतुर है। वहीं माना जा रहा है कि कंवरपाल चंडीगढ़ से लौटने पर सबसे पहले सेक्टर-17 स्थित भाजपा के जिला कार्यालय यमुना कमल जाएंगे।

छात्रसंघ के जरिये राजनीति में रखा था कदम
8 मई 1960 को जन्मे मंत्री कंवरपाल मूलरूप से प्रतापनगर के बहादुरपुर गांव के रहने वाले हैं। यह उनकी जगाधरी विधानसभा में ही आता है। कंवरपाल ने छात्रसंघ के जरिये राजनीति में कदम रखा। कंवरपाल साध्वी ऋतम्भरा से प्रभावित होकर 1989 में राम जन्मभूमि आंदोलन में भाग लिया था। उन्होंने वर्ष 1991 में भाजपा के टिकट पर छछरौली सीट से विधानसभा का पहला चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 1996 में दूसरी बार वह अकरम खान से 470 वोटों से हार गए।

वर्ष 2000 के चुनाव में उन्होंने पहली बार अकरम खान को हराया था। वर्ष 2005 में छछरौली सीट पर ही कंवरपाल तीसरे नंबर पर रहे थे। 2009 में परिसीमन के बाद छछरौली सीट खत्म कर इसके कुछ क्षेत्र को जगाधरी सीट में जोड़ दिया गया था। उस चुनाव में जगाधरी सीट पर कंवरपाल बसपा प्रत्याशी अकरम खान से हार गए थे। 2014 में उन्होंने जगाधरी में ही अकरम खान को 34 हजार वोट से हराकर हिसाब बराबर कर लिया।

तब कंवरपाल मनोहर लाल सरकार में हरियाणा विधानसभा के स्पीकर बने थे। 2019 में दोबारा चुनाव जीतने पर कंवरपाल को प्रदेश का शिक्षा मंत्री बनाया गया था। कंवरपाल ने जगाधरी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रेजुएशन की। 1985 में उनकी शादी सुनीता देवी से हुई। उनकी दो बेटियां और एक बेटा है। सुनीता देवी गृहिणी हैं। उनका बेटे निश्चल चौधरी भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष हैं।

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