फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा-हजकां गठबंधन टूटने के कगार पर पहुंचा

Sun, 15 Jun 2014 01:01 AM IST
डॉ. सुरेंद्र धीमान/ अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
भाजपा-हजकां गठबंधन टूटने की कगार पर पहुंच गया है। हरियाणा भाजपा नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व को साफ कर दिया है कि इस बार भाजपा के पास अकेले चुनाव लड़कर अपनी सरकार बनाने का अच्छा मौका है।
विज्ञापन


इसलिए भाजपा को अकेले आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए। सहयोगी पार्टी हजकां के अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई के नेतृत्व में प्रदेश भाजपा चुनाव नहीं लड़ना चाहती।

गठबंधन पर अंतिम फैसला अब भाजपा संसदीय बोर्ड करेगा। उधर हजकां प्रमुख कुलदीप बिश्नोई ने कहा है कि पार्टी सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। 2009 के विस चुनाव में सभी सीटों पर भाजपा और हजकां ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था।
विज्ञापन


केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह के नई दिल्ली स्थित आवास पर शनिवार को हुई बैठक में मौजूद नेताओं के अनुसार सभी नेता इस बात पर एकमत थे कि भाजपा-हजकां के बीच जिन शर्तों पर गठबंधन हुआ था, उनमें अब बदलाव की जरूरत है।

शर्तों के अनुसार दोनों दल 45-45 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। पहले ढाई साल का कार्यकाल हजकां का होगा और कुलदीप बिश्नोई मुख्यमंत्री होंगे। बाद के ढाई साल भाजपा के होंगे।

भाजपा जिसे चाहे मुख्यमंत्री बनाए। शनिवार की बैठक में सभी नेताओं ने एकमत होकर कहा कि लोकसभा चुनाव में राज्य की 52 विधानसभा सीटों पर भाजपा को अधिक वोट मिले हैं और हजकां अपने हिस्से की दोनों लोकसभा सीट हार गई। खुद हजकां अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई भी हार गए हैं।

इसलिए भाजपा-हजकां के बीच 45-45 सीट बांटने, कुलदीप बिश्नोई के नेतृत्व में चुनाव लड़ने वाली शर्तों में बदलाव किया जाए। कुछ नेताओं ने भाजपा अध्यक्ष से साफ कह दिया कि कुलदीप बिश्नोई के नेतृत्व में भाजपा को चुनाव नहीं लड़ना चाहिए।

संसदीय बोर्ड के आगे रखूंगा आपकी राय : राजनाथ सिंह
जब हरियाणा भाजपा नेताओं ने अकेले चुनाव लड़कर सरकार बनाने या हजकां के साथ गठबंधन की शर्तों में बदलाव करने के बारे में अपनी राय व्यक्त कर दी तो भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने सिर्फ इतना कहा कि वे उनकी राय संसदीय दल बोर्ड की बैठक में रखेंगे। बोर्ड अंतिम फैसला करेगा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें