हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन की 14 जनवरी की संभावित हड़ताल की चेतावनी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने एस्मा (आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम) लागू कर दिया है। इसके तहत अब आगामी छह माह तक स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल नहीं कर सकेंगे। इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
एस्मा की अधिसूचना के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा की विभिन्न संस्थाओं जैसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, आयुष में संविदा, दैनिक मजदूरी, मानदेय इत्यादि पर नियोजित व्यक्तियों सहित कार्यरत डाक्टरों या अन्य श्रेणी के कर्मचारियों द्वारा हड़ताल करना प्रतिबंधित है। हरियाणा आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम, 1974 ( 1974 का 40 ) की धारा 4-क की उपधारा ( 1 ) के तहत यह आदेश जारी किए गए हैं।
मांगों को मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक मंजूरी की बात कही जा रही है, लेकिन इससे मांगें लागू नहीं हो जाती है। मामला वित्त विभाग में लंबित है, वहां की मंजूरी मिलने के बाद ही मांगें पूरी होंगी। एसोसिएशन सदस्य 14 जनवरी से ड्यूटी पर नहीं जाएंगे और घर पर ही रह कर हड़ताल करेंगे। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। - डॉ. जसबीर परमार, अध्यक्ष, एचसीएमएस
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में एमडी या एमएस डॉक्टरों के लिए स्पेशलिस्ट कैडर पद सृजित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसके अलावा, डॉक्टरों को कोई प्रशासनिक कार्य भी नहीं दिया जाएगा और वे अपनी संबंधित विशेषता में ही अभ्यास करेंगे। सरकार विशेषज्ञों के लिए एक विशेष सब कैडर बनाएगी, जिन्हें सलाहकार या वरिष्ठ सलाहकार के रूप में नामित किया जाएगा। इससे पहले एमबीबीएस योग्यता और एमडी/एमएस योग्यता वाले डॉक्टर एक ही कैडर में होते थे।