सोनीपत में आंदोलन पर बैठे किसानों से बहस करते आसपास के गांवों के लोग।
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कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों के साथ आसपास के गांवों के किसानों का मनमुटाव शुरू हो गया है। हरियाणा के सोनीपत में नेशनल हाईवे-44 पर गुरुवार दोपहर गांव रसोई के पास आंदोलनरत किसानों और आसपास के गांवों के किसानों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
अटेरना और मनौली सहित आसपास के गांवों से दर्जनों किसान रसोई से आगे रोमन कोर्ट के पास से गांवों में जाने के लिए रास्ता खोलने की मांग कर रहे थे। काफी देर हंगामा होने और आंदोलन में शामिल सैकड़ों किसानों के जुटने के बाद आसपास के गांवों से आए किसान लौट गए। अब उन्होंने प्रशासन से मामले में कार्रवाई करते हुए रास्ता देने की मांग की है।
कृषि कानूनों के विरोध में 63 दिनों से कुंडली बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जारी है। 26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड के बाद किसानों का आंदोलन स्थल से लौटने का दौर जारी है। वहीं दिल्ली में लाल किले पर झंडा लगाने के बाद बहुत से लोग किसानों के खिलाफ आवाज भी उठाने लगे हैं। गुरुवार दोपहर को गांव अटेरना, मनौली के साथ ही आसपास के कई गांवों के लोग एकत्रित होकर रसोई से आगे रोमन कोर्ट पर पहुंच गए।
यहां से अटेरना, मनौली, बढ़खालसा सहित कई अन्य गांवों को रास्ता जाता है। ग्रामीणों ने किसानों से रास्ता खाली करने को कहा ताकि उन्हें हाईवे से होते हुए अपने गांवों में जाने में आसानी हो सके। इसी बात पर दोनों पक्षों में तनातनी हो गई। बात हाथापाई तक पहुंचने लगी तो अन्य किसानों ने बीचबचाव किया।
आसपास के गांवों के किसानों का आरोप था कि हाईवे बंद होने के कारण वह अपनी सब्जी लेकर बाहर नहीं निकल पा रहे हैं जिससे उनका नुकसान हो रहा है। इस दौरान आंदोलन में शामिल काफी किसान वहां एकत्रित हो गए। उन्होंने आसपास के किसानों ने धरने के लिए सहयोग भी मांगा। काफी देर तक जद्दोजहद के बाद आसपास के किसान मौके से लौट गए। अब आंदोलनरत किसानों के साथ आसपास के गांवों के किसानों के साथ मनमुटाव शुरू हो गया है।