हरियाणा के कैथल के जिले के गांव मटौर निवासी 22 वर्षीय रवि की रूस में मौत के बाद परिवार शव को लाने के लिए सरकार से गुहार लगा रहा है। मास्को (रूस) स्थित भारतीय दूतावास ने युवक की मौत की पुष्टि कर दी है। परिजनों का कहना है कि वह रूस ट्रांसपोर्ट में काम करने गया था लेकिन उसे जबरन युद्ध में भेज दिया गया। उसे रूसी आर्मी की वर्दी में देखा गया था।
मृतक रवि के भाई अजय की एंबेंसी से इस बारे में कुछ लंबे समय से बात चल रही थी। उसके भाई की एंबेंसी से चल रही पूछताछ के आधार पर यह खुलासा हुआ है। मृतक रवि के भाई अजय ने बताया कि एंबेंसी ने उन्हें कहा है कि वे मृतक की मौत की पुष्टि के लिए उसकी मां का डीएनए टेस्ट करना चाहते हैं, लेकिन उनकी मां की मौत हो चुकी है। इसलिए उन्होंने एंबेंसी से अनुरोध किया है कि वे उसकी मां के जगह उसका डीएनए टेस्ट कर सकते हैं।
अजय ने बताया कि उसका भाई रवि रूस में 13 जनवरी को 2024 को ट्रांसपोर्ट में काम करने के लिए गया था। उसका परिवार कुछ समय से रवि के संपर्क में था लेकिन इसके बाद उनके भाई को रूस की सीमा पर युद्ध के लिए भेज दिया गया है। कुछ दिन बाद यह रूसी आर्मी की वर्दी में देखा भी गया था। कहा कि 12 मार्च तक उसके भाई के साथ उसकी बात भी हुई है।
उन्होंने कहा कि सेना के लोगों ने उन्हें कहा कि या तो युद्ध को फ्रंट लाइन पर लड़ो नहीं तो उन्हें 10 साल की जेल होगी। उन्हें फोन के माध्यम से रवि की मौत के बारे में सूचना मिली। उनकी उनकी केंद्र और प्रदेश सरकार से मांग है कि उनके भाई का शव भारत मंगवाया जाए। साथ ही वहां फंसे हुए अन्य भारतीय युवाओं को भी बचाया जाए।