कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल ने डीएपी खाद को लेकर चंडीगढ़ में बुधवार को प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि हरियाणा में नहीं डीएपी की कमी नहीं है। पिछले साल के मुकाबले ज्यादा डीएपी दिया गया है। कालाबाज़ारी रोकने को लेकर व्यवस्था की गई है। धान खरीद लगातार जारी है और अब तक पिछले साल के मुकाबले ज्यादा धान खरीदा गया है। डीएपी का प्रदेश में एक्स्ट्रा स्टॉक उपलब्ध है। यूरिया की प्रदेश में 11 लाख मीट्रिक टन की जरूरत होती है।
ये भी पढ़ें-
ऐलनाबाद उपचुनाव: सिरसा में पूर्व सांसद अशोक तंवर ने दिया अभय सिंह चौटाला को समर्थन
यूरिया की ज्यादा बिक्री की बात कही
उन्होंने कहा कि अब तक 1 लाख 23 हजार 373 मीट्रिक टन खाद आ चुकी है। यूरिया की कुल बिक्री 90 हजार 216 मीट्रिक टन हुई है। वहीं, पिछले साल इसी अवधि में 66 हजार 245 मीट्रिक टन की बिक्री हुई थी। दलाल ने कहा कि पिछले साल 2 लाख 46 हजार मीट्रिक टन की बिक्री हुई थी। वहीं, 3 लाख मीट्रिक टन की जरूरत प्रदेश में और पड़ेगी। इस साल 1 अक्टूबर को 85 हजार 293 टन डीएपी आया और 1 लाख 53 हज़ार से ज्यादा मीट्रिक टन अब तक कुल जा चुका है।
पहले से ज्यादा बंटवा चुके खाद
दलाल ने कहा कि आंकड़ों के मुताबिक 7 से 8 फीसदी ज्यादा डीएपी किसानों के पास जा चुका है। 15-20 हजार मीट्रिक टन हमारे पास डीएपी और आएगा। पिछले साल से ज्यादा डीएपी हम प्रदेश में बंटवा चुके हैं और अन्य मात्रा में उपलब्ध भी हैं। इसी महीने में 1.5 लाख मीट्रिक टन आ चुका है और कुल जरूरत हमें 3 लाख मीट्रिक टन की थी। अभी नवंबर में 1.5 लाख मीट्रिक टन और खाद आएगी। हमारे पास स्टॉक पर्याप्त मात्रा में है। किसी भी किसान को खाद की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
ये भी पढ़ें-
हिसार: स्कूल जाने के लिए बस के इंतजार में खड़े छात्र को डंपर ने रौंदा, भड़के लोगों ने किया साढ़े 3 घंटे हाईवे जाम
कालाबाजारी रोकने को उठाए कदम
उन्होंने कहा कि डीएपी और यूरिया की कालाबाज़ारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। दलाल ने कहा कि पड़ोसी प्रदेश ने यूरिया की कालाबाजारी की है, उसे रोकने के लिए लाइन में लगाकर जरूरत के मुताबिक ही खाद दिया जा रहा है। कालाबाजारी रोकने की कोशिश में ये कदम उठाए हैं। कालाबाजारी करने वाले लोग शॉर्टेज दिखाकर काम करना चाहते थे, लेकिन हम कामयाब नहीं होने देंगे। पिछले साल के मुकाबले अब तक ज्यादा धान खरीदा गया है।
बारिश ने गीला कर दिया धान
धान खरीद को लेकर दलाल ने कहा कि बेमौसमी बारिश की वजह से फसल गीली हुई है। इसकी वजह से किसान को थोड़ी दिक्कत आई है। इस बार 44.40 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंचा है और हमने 43 लाख मीट्रिक टन खरीद हुई है और 85 फीसदी धान का उठान हुआ है। दलाल ने बताया कि अब तक हम किसानों को 6 हजार 200 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुके हैं। वहीं, बासमती धान 8.40 मीट्रिक टन पहुंचा है।
ये भी पढ़ें-
सोनीपत: बीमारी के चलते तनाव में थी दिल्ली की महिला, ट्रेन के आगे कूदकर दी जान
बाजरे का देंगे अच्छा भाव
दलाल ने बताया कि 56 लाख मीट्रिक टन पिछले साल धान खरीद हुई थी और इस साल अब तक 44 लाख टन से ज्यादा धान पहुंच चुका है। बाजरा के लिए भावांतर भरपाई योजना शुरू की गई है, एमएसपी से ज्यादा भाव मिल रहा है। बाजरा का मूल्य 1650 रुपये प्रति क्विंटल था, जिस दिन फैसला लिया, और 600 रुपये प्रति क्विंटल दिया। भाव MSP के बराबर चला गया था। किसानों से प्रार्थना करता हूं कि थोड़ा इंतजार करो, 1700 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल का भाव बाजरे का मिलेगा और 600 हम देंगे, जिससे कि भाव एमएसपी से ज़्यादा मिलेगा। किसान इस फैसले से खुश हैं।