मोगली नाम का अपराधी गुड़गांव पुलिस के लिए सिरदर्द
बना हुआ है। उस पर कुछ दिनों पहले ही मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) के एक पूर्व
विधायक को गोली मारने का आरोप है।
वारदात को अंजाम देने के बाद घटनास्थल पर वह कोई सबूत नहीं छोड़ता। इस कारण वह पुलिस के हाथ नहीं आ रहा है।
पुलिस
के मुताबिक, मोगली लूटपाट की घटना को मात्र सात से 10 मिनट में अंजाम देता
है। इस दौरान महिलाओं से छेड़खानी की उसकी पुरानी आदत है। पुलिस के अनुसार
मोगली का पूरा नाम विक्रम काद्यान है। वह झज्जर का रहने वाला है।
आपराधिक
गतिविधियों के चलते वह गुड़गांव के अलावा दिल्ली, फरीदाबाद और रोहतक पुलिस
के लिए भी वांछित है। वह केवल दिन में लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देता है।
पिछले
दिनों यूपी के पूर्व विधायक को निशाना बनाने के चलते गुड़गांव की सीआईए
पुलिस उसके पीछे लगी हुई है। एसीपी डीएलएफ दलबीर सिंह कहते हैं पुलिस उसके
बेहद करीब पहुंच गई है।
उल्लेखनीय है कि डीएलएफ फेज दो में उसका
अधिक खौफ है। उसकी सक्रियता को देखते हुए पुलिस इलाके में तैनात निजी
सुरक्षा गार्डों को इसके बारे में खास तौर से जानकारी दी है।
अपराध को अंजाम देने के तरीके
-सुबह 10 बजे से अपराह्न 04 बजे के बीच वारदात को अंजाम देता है
- सफेद रंग की कार उसे पसंद है
-लूट के बाद माल खत्म होने तक दूसरी वारदात को अंजाम नहीं देता
-गुड़गांव में वारदात करने के बाद पड़ोसी शहरों में छुप जाता है
-अपराध को अंजाम देने में में लूट के वाहन का इस्तेमाल करता है
-ऑटो, टैक्सी या रिक्शा चालक के मोबाइल से अपनी मां से बातें करता है
-मां से 24 घंटे में एक बार जरूर बात करता है
-हमेशा खुले स्थान पर वारदात को अंजाम देता है
-डीएलएफ फेस दो में 10 दिन पहले शादी का कार्ड देने के बहाने घर में घुस गया था
-17
अगस्त को मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) के पूर्व विधायक रामचंद्र मौर्या के
पैर में गोली मारकर 40 हजार रुपये, सोने के कड़े और अंगूठी लूटने का आरोप
है
-अप्रैल और मई में पालम विहार में चार वारदातें की हैं