प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार ने पंचकूला से महेंद्रगढ़ तक जीटी सर्किट विकसित करने का फैसला लिया है।
इस परियोजना का सारा खर्च केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय वहन करेगा।
इसके अलावा हरियाणा पर्यटन विभाग ने पलवल के ब्रिज एरिया को ग्रामीण पर्यटन समूह के रूप में विकसित करने के लिए चिह्नित किया है।
राज्य स्तरीय परियोजना प्रबंध एजेंसी के रूप में दाराशॉ एंड कपनी प्राइवेट लिमिटेड को नामित किया है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए सर्किट टूरिज्म के तहत स्मारकों और ऐतिहासिक स्थलों का विकास किया जाएगा।
उनका सौंदर्यीकरण करने के अलावा उसकी मरम्मत भी की जाएगी। इनके समेकित विकास के लिए केंद्र द्वारा वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
योजना के तहत जिन सर्किट को पहले ही मेगा पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया गया है।
उनमें पानीपत-कुरुक्षेत्र-पिंजौर (चरण-1), पानीपत-कुरुक्षेत्र-पिंजौर (चरण-2) और यमुनानगर-पंचकूला-पौंटा साहिब शामिल हैं।
पर्यटन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया है, जिससे यह आर्थिक विकास तथा रोजगार उत्पन्न करने का मुख्य स्त्रोत बने।
सरकार के साथ पर्यटन विकास में निजी क्षेत्र की भूमिका को सुविधाकारक के रूप में करने के लिए वर्ष 2008 में पर्यटन नीति की घोषणा की गई थी। पर्यटन नीति में मानव संसाधन विकास, व्यवस्थित विपणन और नई तकनीक को अपनाने पर जोर दिया गया है।