हरियाणा में फार्मासिस्ट के पद के लिए आवश्यक न्यूनतम योग्यता में समानता लाने के लिए सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग फार्मासिस्ट (ग्रुप-सी) सेवा नियम, 1998 में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। अब इन नियमों को हरियाणा स्वास्थ्य विभाग, फार्मासिस्ट (ग्रुप सी) सेवा (संशोधन) नियम, 2021 कहा जाएगा। संशोधन के अनुसार अब स्वास्थ्य विभाग में फार्मेसी अधिकारी के पद पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञान (भौतिकी और रसायन विज्ञान) के साथ 10+2, पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक या हरियाणा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी अन्य संस्थान से फार्मेसी में स्नातक (चार वर्षीय डिग्री) या फार्मेसी में स्नातक (अभ्यास) या फार्मा डी (छह वर्षीय की डिग्री) की शैक्षणिक योग्यता और अनुभव निर्धारित किया गया है।
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उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त अस्पताल में फार्मेसी, इंजेक्शन, ड्रेसिंग और इनडोर में छह महीने का प्रशिक्षण होना चाहिए। साथ ही हरियाणा राज्य फार्मेसी परिषद के साथ एक फार्मासिस्ट के रूप में पंजीकृत और मैट्रिक या उच्च शिक्षा में एक विषय के रूप में हिंदी या संस्कृत ली हो।
गुरुग्राम प्राधिकरण कर सकेगा नियुक्तियां
गुरुग्राम महानगरीय विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2017 (2017 का अधिनियम संख्या 34) की धारा-56 के तहत नियम बनाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। नियम बनाने से गुरुग्राम महानगरीय विकास प्राधिकरण सीधी भर्ती, प्रतिनियुक्ति और पदोन्नति द्वारा ग्रुप ‘क’ में 100 और ग्रुप ‘ख’ में 32 पदों पर नियुक्तियां करने में सक्षम हो जाएगा। वहीं, द्वितीय हरियाणा राज्य विधि आयोग के गठन से संबंधित अधिसूचना के पैरा 6(बी) में संशोधन करने के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी के मामले में, सदस्य की सेवा के संबंध में वेतन कम हो जाता है। इसलिए संशोधन के अनुसार, ‘वेतन’ शब्द को ‘वेतन और भत्ते’ शब्द से प्रतिस्थापित किया गया है।
सिंचाई विभाग में विभागीय परीक्षा से होगी पदोन्नति, अनुभव में छूट
बैठक में हरियाणा सिंचाई तथा जल संसाधन विभाग के कनिष्ठ अभियंता और अपर उपमंडल अभियंता (ग्रुप ग) सेवा नियम, 2014 को संशोधित करने की मंजूरी प्रदान की गई है। इसके तहत विभाग में परीक्षा के माध्यम से ही पदोन्नति होगी। मौजूदा नियमों में अपेक्षित योग्यता के साथ बेलदार ग्रुप डी में 15 वर्ष का अनुभव और ग्रुप-सी के रूप में 8 वर्ष के कर्मचारी जेई के पद पर पदोन्नति के लिए पात्र हैं। अब विभाग ने प्रस्तावित किया है कि जेई सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल के पद पर सभी पदोन्नति विभागीय परीक्षा के माध्यम से की जाए। साथ ही साथ में योग्यता और अनुभव के समय को भी कम किया गया, जिसके तहत ग्रुप-डी के लिए आठ वर्ष और ग्रुप सी के कर्मचारियों के लिए पांच वर्ष का अनुभव होगा।
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प्राधिकरण में सेवानिवृत्ति आयु 68
मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण अधिनियम, 2018 में द्वितीय संशोधन के लिए अध्यादेश लाने के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके तहत अपेक्षित तकनीकी योग्यता और अनुभव रखने वाले सक्षम व्यक्ति को बनाए रखने के लिए ईवीसी, टीए और एमएस के लिए सेवानिवृत्ति की आयु को 65 वर्ष से बढ़ाकर 68 वर्ष किए जाने पर विचार किया गया और उसके उपरांत अनुमोदित किया गया।
जीएसटी को लेकर सीएम को सौंपी मंत्री परिषद की शक्तियां
हरियाणा वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 के तहत अगले छह महीनों के लिए मुख्यमंत्री को मंत्रिपरिषद की शक्तियां प्रदान करने के संबंध में आबकारी एवं कराधान विभाग के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। जीएसटी से संबंधित नियमों, कर दरों और अन्य प्रावधानों में संशोधन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। अधिनियम के तहत मुख्यमंत्री को राज्य में जीएसटी के कार्यान्वयन से संबंधित सौंपी गई मंत्रिपरिषद की शक्तियों में 26 अक्तूबर, 2021 के बाद हरियाणा वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम और नियम बनाना, उनमें संशोधन करना, कर की दर सहित एचजीएसटी अधिनियम, 2017 के तहत अन्य सभी संशोधनों, अधिसूचनाओं एवं आदेशों को जारी करना शामिल है। इससे पहले 22 अप्रैल, 2021 को छह महीने की अवधि के लिए जीएसटी के कार्यान्वयन से संबंधित मामलों में मंत्रिपरिषद की शक्तियां मुख्यमंत्री को सौंपी गई थीं।
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कृषि विभाग में 18 से 42 साल तक हो सकेगी नियुक्ति
बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के हरियाणा अधीनस्थ कृषि (ग्रुप सी) सेवा नियम, 1993 और हरियाणा कृषि (ग्रुप बी) सेवा नियम, 1995 में संशोधन करने से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। संशोधन के अनुसार यहां निर्धारित आयु में छूट के अलावा ग्रुप ए, बी, सी और डी के पदों के संबंध में सरकारी सेवा में प्रवेश के लिए व्यक्ति की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 42 होगी।
विवाह पंजीकरण अब क्रीड करेगा
विवाह पंजीकरण की जिम्मेदारी अब नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रिड) को सौंपी गई है। इसके लिए बैठक में हरियाणा अनिवार्य विवाह पंजीकरण अधिनियम, 2008 के प्रशासन के विषय को हस्तांतरित करने के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। सीआरआईडी सभी नागरिक संसाधनों की जानकारी को संभालने के लिए नोडल विभाग है। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के कार्यान्वयन के विशिष्ट कार्य के साथ 26 अप्रैल, 2020 क्रिड का गठन किया गया था। सीआरआईडी ने पीपीपी डेटाबेस को जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीकरण प्रणाली से भी जोड़ा है।
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टीडीआर के लिए न्यूनतम क्षेत्र मानदंडों की शर्तें खत्म
हरियाणा सरकार ने हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) जारी करने के लिए न्यूनतम क्षेत्र मानदंड की शर्तों को खत्म कर दिया है। मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया। सरकार ने विकास योजना क्षेत्र में भूमि एकत्रीकरण, बाह्य विकास कार्यों एवं आधारभूत संरचना के विकास के लिए टीडीआर जारी करने और उपयोग की नीति को मंजूरी दी है। मंत्रिमंडल ने 25 जून 2018 को हुई बैठक में इस नीति को अंतिम रूप देने से पहले आम जनता और हितधारकों से सुझाव मांगे थे। उसके बाद पहली जुलाई 2019 को नीति के मसौदे को स्वीकृति प्रदान की।
30 अगस्त 2019 तक प्राप्त आपत्तियों, सुझावों की जांच की गई। 14 जनवरी 2020 को टीडीआर नीति में उपयुक्त संशोधन किए गए। 5 अगस्त 2021 को प्रस्तावित टीडीआर नीति मंजूर करने का एजेंडा मंत्रिमंडल के समक्ष रखा गया। बहरहाल, सेक्टरों के प्लान रोड पॉकेट्स (एसपीआरपी) और सेक्टर रोड एंड ग्रीन बेल्ट्स (एसआरजीबी) के लिए न्यूनतम क्षेत्र मानदंडों सहित अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद एजेंडा को टाल दिया था। इस तरह के विचार-विमर्श के आधार पर अब एसपीआरपी और एसआरजीबी लैंड पॉकेट के खिलाफ टीडीआर आवेदन के लिए न्यूनतम क्षेत्र मानदंड को हटा दिया गया है।
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अन्य निर्णय
बैठक में चिरलंबित बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) के बकायों की वसूली को सक्षम बनाने के लिए संशोधित ‘समाधान से विकास’ योजना को स्वीकृति दी गई। नीति के तहत 30 सितंबर 2021 तक 1130.13 करोड़ रुपये वसूल किए हैं। वर्तमान में कॉलोनाइजर, डेवलपर्स की ओर से करीब 14932.87 करोड़ रुपये ईडीसी पर बकाया हैं। बकाया में 7965.17 करोड़ रुपये मूलधन है, जबकि 1606.43 करोड़ रुपये ब्याज राशि और 5361.27 करोड़ रुपये दंड ब्याज राशि है। 30 सितंबर 2021 के बाद योजना आगे नहीं बढ़ाई गई।
एकमुश्त निपटान योजना को मंजूरी
खनन से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए एकमुश्त निपटान योजना को मंजूरी दी गई है। पर्यावरण मंजूरी प्राप्त करने से पहले की अवधि के लिए देय राशि और संचालन के लिए सहमति बनी है। इसके अलावा खनन ठेकेदारों की समस्याओं का समाधान होगा। मंत्रिमंडल ने सर्वे ऑफ इंडिया व सरकार के बीच हुए एमओयू में संशोधन को मंजूरी दी है। अब सर्वे ऑफ इंडिया खुद उपकरण खरीद कर सकेगा। खरीद पर होने वाला खर्च सरकार वहन करेगी। इससे मैपिंग, जनरेशन कामों में तेजी आएगी।