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50 हजार पुलिस मुलाजिमों को जल्द मिल सकती है खुशखबरी

Sun, 15 Sep 2013 08:33 AM IST
डॉ. सुरेंद्र धीमान/चंडीगढ़
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हरियाणा के करीब 50000 पुलिस मुलाजिमों का वेतन बढ़ सकता है। यह तोहफा आगामी लोकसभा चुनाव से पहले दिया जा सकता है।
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पिछले सप्ताह पुलिस एसोसिएशन के पदाधिकारियों को इस बारे में संकेत भी दे दिए हैं, मगर घोषणा नहीं की है।

कांग्रेस विधायक प्रो. संपत सिंह और भाजपा विधायक दल के नेता अनिल विज लगातार मांग कर रहे हैं कि  पुलिस कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया जाए।

अभी तक मुख्यमंत्री ने विधानसभा के भीतर और बाहर पुलिस मुलाजिमों का वेतन बढ़ाने की हां नहीं भरी थी।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता खजान सिंह को लेकर हरियाणा पुलिस कर्मचारी संघ के प्रधान बलवान सिंह ने शिष्टमंडल के साथ मुख्यमंत्री को उनके सरकारी आवास पर ज्ञापन सौंपा था।

उन्होंने मुख्यमंत्री को जानकारी दी थी कि पंजाब सरकार सिपाही को 23220 रुपये का वेतन दे रही है, जबकि हरियाणा सरकार मात्र 12384 रुपये दे रही है। चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश भी पंजाब के समान वेतन दे रहा है।
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हरियाणा के सिपाही को 10386 रुपये कम मिल रहे हैं। यही हाल हवलदार, एएसआई का है। बलवान सिंह ने यह भी जानकारी दी कि हरियाणा में सिपाही को मान तो रखा है तृतीय श्रेणी का कर्मचारी मगर वेतनमान चतुर्थ श्रेणी के समान दे रखा है।

इससे प्रदेश के करीब 50000 मुलाजिम निरुत्साहित हैं। बलवान सिंह ने बताया कि शिष्टमंडल को मुख्यमंत्री ने पहली बार आश्वासन दिया कि अच्छा दिन देखकर जल्द ही वे उनकी मांग पर फैसला करेंगे।

हां, पुलिस मुख्यालय में चल रहा है मंथन
हरियाणा के गृह सचिव समीर माथुर ने पूछने पर अमर उजाला को बताया कि पुलिस कर्मचारियों की मांगों पर पुलिस मुख्यालय पर मंथन चल रहा है। अन्य राज्यों के वेतन और भत्तों की जानकारी भी जुटाई गई है।

हरियाणा में भत्ते ठीक ठाक हैं और एक महीने का अतिरिक्त वेतन साल में दिया जाता है।

उन्होंने बताया कि अभी तक मंथन में पाया गया किअगर सिपाहियों का वेतनमान बढ़ा दिया तो प्रदेश सरकार के अन्य विभागों के उन कर्मचारियों का भी वेतनमान बढ़ाना पडे़गा, जो सिपाही के समान वेतनमान में हैं।
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इसलिए यह भी विचार किया जा रहा है कि भत्तों के रूप में वेतन बढ़ोतरी कर दी जाए। पुलिस मुख्यालय से प्रस्ताव मिलने के बाद अंतिम फैसला मुख्यमंत्री के स्तर पर होगा।
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